झांसी। चुनाव से ऐन वक्त पहले झांसी में कांग्रेस को करारा झटका लगा है। टिकट न मिलने से
आहत महानगर अध्यक्ष अरविंद वशिष्ठ ने तमाम कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी छोड़ दी है।
उन्होंने पार्टी पर उपेक्षा और धोखा देने का आरोप लगाया है।
पार्टी छोड़ने के बाद उन्होंने पत्रकार वार्ता की। अरविंद ने कहा कि 30 सालों से पार्टी से
जुडे़ हुए थे। पिता भी कांग्रेस में ही थे। पार्टी लगातार उनकी उपेक्षा कर रही थी। चाहें
मेयर का चुनाव हो या फिर विधानसभा का, पार्टी ने हर बार टिकट काटकर उनके साथ
धोखा किया। बीती 30 जुलाई को भी राष्ट्रीय सचिव ने फोन कर कहा था कि आप अच्छा
काम कर रहे हो। पार्टी आपको चुनाव लड़वाना चाहती है। पूरी मेहनत और ताकत से जुटे रहे।
मगर उन्हें फिर टिकट नहीं दिया गया। जबकि, जनता का उन्हें खूब समर्थन मिल रहा था।
झांसी की जनता चाहती थी कि मुझे टिकट मिले। उनका पार्टी से त्यागपत्र देना कांग्रेस के
लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। हालांकि, वह किस पार्टी में शामिल होंगे, इसको लेकर
उन्होंने कुछ नहीं कहा।
कई पदाधिकारियों ने भी दिया त्यागपत्र
महानगर अध्यक्ष के साथ महिला मोर्चा बुंदेलखंड प्रभारी प्रभा पाल, महासचिव जितेंद्र
भदौरिया, शिवम नायक, प्रदेश सचिव अल्पसंख्यक मोर्चा वाशिफ उमर, सचिव अनवर अली, दीपक निगम, कुलदीप राजावत, सूरज रायकवार, रचना श्रीवास्तव, सोशल मीडिया बुंदेलखंड सह संयोजक आकाश पराशर, एनएसयूआई जिला महासचिव सचिन श्रीवास, सुमित दांगी, आरिफ, जिला महामंत्री प्रेम नारायण द्विवेदी, वार्ड अध्यक्ष अभिषेक दीक्षित, मनीष रायकवार, प्रकाश परिहार, अकील खान, नदीम वक्श, संजय वर्मा, सिद्धार्थ गौतम, सुशील मौर्या, बद्री प्रसाद कोरी, आबिदा खान आदि ने भी इस्तीफा दे दिया है।