नवाबाद के गुमनावारा मोहल्ला निवासी प्रियंका (27) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। करीब चौदह दिन पहले ही उसका पति विजय परिहार पुलिस मुठभेड़ में गोली लगने से घायल हो गया था। शुक्रवार सुबह प्रियंका की मौत की सूचना मिलने पर मायके पक्ष के लोग जा पहुंचे। ससुराल पक्ष के लोग अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। मायके पक्ष ने हंगामा करते हुए अंतिम संस्कार रुकवा दिया। उन्होंने पुलिस बुला ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ मामले की छानबीन कर रही है।
मूल रूप से थाना सीपरी बाजार के चित्रा चौराहा के पास रहने वाली प्रियंका ने करीब पांच साल पहले गुमनावारा निवासी विजय से प्रेम विवाह किया था। दंपती को चार साल का एक बेटा है। विजय जीविकोपार्जन के लिए ऑटो चलाता था। 17 सितंबर की रात विजय ने एक मेडिकल छात्रा को अगवा करके उसका मोबाइल लूट लिया। 19 सितंबर को पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में विजय पांव में गोली लगने से घायल हो गया। उसके बाद से विजय जेल में बंद था। उधर, प्रियंका ससुराल में ही रहती थी।
प्रियंका के मायके वालों का कहना है कि उसकी तबीयत खराब रहने पर भी ससुराल वाले इलाज नहीं कराते थे। बृहस्पतिवार शाम प्रियंका ने उसे लाने की बात कही। रात करीब एक बजे ससुरालजनों ने फोन करके बताया कि प्रियंका की मौत हो गई।शुक्रवार सुबह मायके वाले जब पहुंचे, तब प्रियंका के अंतिम संस्कार की तैयारी हो रही थी। ससुरालवालों ने बताया कि टीबी से मौत हो गई जबकि मायके पक्ष का कहना था कि प्रियंका को टीबी नहीं थी। उन्होंने प्रियंका से मारपीट का आरोप लगाया। फोन करके पुलिस बुला ली।
निरीक्षक संतोष अवस्थी का कहना है कि प्रारंभिक छानबीन में मालूम चला कि प्रियंका बीमार रहती थी। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। उसकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।