फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhansi: कानपुर हाईवे पर छह लेन के निर्माण का रास्ता साफ, डीपीआर को मिली मंजूरी, पहले चरण में उरई तक होगा कार्य

Mon, 19 Jan 2026 09:48 AM IST
दीपक महाजन संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी

सार

एनएचएआई के डिप्टी मैनेजर अविनाश मंडीवाल ने बताया कि छह लेन के लिए 45 से 60 मीटर चौड़ी भूमि की आवश्यकता है। अभी चार लेन बनी हुई है। इसके दोनों छोर पर एक-एक लेन बढ़ाई जाएगी।
विज्ञापन
झांसी-कानपुर हाईवे - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

झांसी-कानपुर हाईवे (एनएच-27) चार लेन से बढ़ाकर छह लेन किया जाएगा। झांसी से उरई व उरई से बारा के बीच यह कार्य दो चरणों में कराया जाएगा। पहले चरण के कार्य की केंद्र सरकार से अनुमति मिलने के बाद एनएचएआई ने कंसलटेंसी एजेंसी नियुक्त कर झांसी-उरई का डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कराना शुरू कर दिया था। बीते रोज केंद्र से उरई-बारा हाईवे पर भी डीपीआर तैयार कराने की मंजूरी मिल गई है।
विज्ञापन



पहले चरण में झांसी से उरई तक होगा निर्माण
एनएचएआई ने साल 2016 में झांसी-कानपुर हाईवे को चार लेन का बनवाया था। अब हाईवे पर वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम की स्थिति बनने लगी है। एनएचएआई ने चार लेन से बढ़ाकर हाईवे को छह लेन कराने का प्रयास शुरू किया। इसके लिए विभाग ने प्रस्ताव बनाकर सर्वे कराया। इस रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार ने पहले चरण में झांसी से उरई तक छह लेन निर्माण के लिए डीपीआर तैयार कराकर भेजने की संस्तुति कर दी। विभाग ने इसके लिए कंसलटेंसी फर्म नासा से डीपीआर तैयार कराना शुरू किया। वहीं, बीते रोज केंद्र ने उरई से बारा के बीच भी छह लेन निर्माण के लिए डीपीआर बनाने की मंजूरी दे दी।


दो चरणों में होगा काम
एनएचएआई के परियोजना प्रबंधक अभिषेक लोधवाल ने बताया कि झांसी-कानपुर हाईवे पर दो चरणों में कार्य कराया जाएगा। पहले चरण में झांसी से उरई के बीच डीपीआर बनाने का काम चल रहा है। दूसरी चरण में उरई से बारा के लिए डीपीआर बनाने की मंजूरी मिलने के बाद ए-कॉम कंसलटेंसी फर्म को ठेका दिया गया है। एक साल के बीच डीपीआर तैयार कराने के बाद केंद्र को भेजी जाएगी। डीपीआर स्वीकृत होने के बाद बजट जारी होने पर कार्य शुरू कराया जाएगा।
विज्ञापन



जहां दिक्कत आएगी वहां होगा भूमि का अधिग्रहण
एनएचएआई के डिप्टी मैनेजर अविनाश मंडीवाल ने बताया कि छह लेन के लिए 45 से 60 मीटर चौड़ी भूमि की आवश्यकता है। अभी चार लेन बनी हुई है। इसके दोनों छोर पर एक-एक लेन बढ़ाई जाएगी। इसके लिए एनएचएआई के पास पर्याप्त भूमि है। जहां कहीं दिक्कत आएगी वहां भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें