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Jhansi: बिना नल कनेक्शन जल संस्थान ने भेजा 43581 रुपये का बिल, उपभोक्ता आयोग ने निरस्त करने का दिया आदेश

Thu, 05 Feb 2026 01:28 PM IST
दीपक महाजन संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी

सार

सुमंत ने जल संस्थान को अवगत कराया कि कनेक्शन नहीं है इसलिए नोटिस निरस्त किया जाए, लेकिन विभाग बिल जमा करने का दबाव बनाने लगा था।
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उपभोक्ता न्यायालय, झांसी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पुराने मकान में जल का कनेक्शन न होने के बाद भी जल संस्थान ने भवन स्वामी को जल कर जमा करने का नोटिस भेज दिया। संस्थान को इस बाबत अवगत भी कराया गया, लेकिन नहीं मानने पर मामला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग पहुंचा। अब आयोग ने बिल निरस्त कर दिया है।
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उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में अधिवक्ता के माध्यम से नवंबर 2024 में एक परिवाद प्रस्तुत किया गया था। उल्लेख किया गया कि सिविल लाइन क्षेत्र में रहने वाले सुमंत चतुर्वेदी की मां उर्मिला देवी के नाम भवन था। मां के देहांत के बाद भवन का दो हिस्सों में बंटवारा हुआ जोकि सुमंत चतुर्वेदी और राजकुमार चतुर्वेदी के नाम आया। जल का कनेक्शन सुमंत चतुर्वेदी के हिस्से में नहीं बल्कि राजकुमार के घर में था। इसलिए सुमंत कनेक्शन की मांग करने जल संस्थान पहुंचे। यहां बताया गया कि पहले पुराना बकाया जमा करें तब नया कनेक्शन मिल सकेगा। इसके बाद जल संस्थान ने सुमंत चतुर्वेदी को 43581 रुपये का बिल जमा करने का नोटिस 25 सितंबर 2024 को भेजा। सुमंत ने जल संस्थान को अवगत कराया कि कनेक्शन नहीं है इसलिए नोटिस निरस्त किया जाए, लेकिन अधिशासी अभियंता झांसी डिविजन जल संस्थान ने इस पर गौर नहीं किया और बिल जमा करने का दबाव बनाया।

मामला उपभोक्ता आयोग में पहुंचा। अध्यक्ष अमरपाल सिंह, सदस्यगण देवेश अग्निहोत्री और शशिप्रभा जैन ने निर्णय दिया कि भवन स्वामी सुमंत के हिस्से में आए मकान में जल कनेक्शन नहीं है इसलिए जल कर देने का कोई औचित्य नहीं है। जल संस्थान पर नाराजगी जाहिर करते हुए नोटिस निरस्त करने का आदेश दिया।
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