अवैध खनन व खनिज परिवहन करने वाले वाहनों पर विभाग ने सख्ती की है। यदि अब वह बगैर वीटीएस (वाहन ट्रैकिंग सिस्टम) चलते हैं तो अब उन्हें ई-रवन्ना जारी नहीं किया जाएगा। साथ ही चेकिंग के दौरान पकड़े जाने पर सीधे सीज कर दिया जाएगा। इसके साथ खनिज विभाग के दोनों चेक पोस्ट पर टास्क फोर्स को तैनात किया जाएगा, साथ ही इसकी समीक्षा एडीएम करेंगे।
झांसी में बालू व गिट्टी का बड़े पैमाने पर उत्पादन है। यहां की दोनों ही खनिज सामग्री दूर-दूर तक जिलों में सप्लाई की जाती है। इसमें यह शिकायत रहती हैं कि कई वाहन बगैर रॉयल्टी के ही खनिज मटैरियल ढोते हैं। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचता है। इस पर जांच के लिए विभाग ने वीटीएस लगाने को कहा है, इससे वाहन को ऑनलाइन तरीके से ही जांचा जा सकता है, लेकिन वह इसे नहीं लगा रहे हें। इसको लेकर विभाग ने सख्त रवैया अपनाया है। पिछले दिनों तीन दिन तक कार्यालय में कैंप लगाकर वीटीएस लगवाने के निर्देश दिए गए। लेकिन इस तरफ कारोबारियों ने कोई विशेष ध्यान नहीं दिया। कुछेक को छोड़कर किसी ने यह नहीं बनवाया। ऐसे में विभाग ने इस मामले में सख्ती अपनाते हुए पूंछ और बेहतर चेक पोस्ट पर टास्क फोर्स की तैनाती होगी। यहां वाहन चेकिंग के दौरान बगैर वीटीएस वाहन मिलने पर उसे सीधे सीज किया जाएगा।
प्रतिदिन गुजरते हैं 700 से अधिक वाहन
खनिज मटेरियल ढोने वाले वाहनों की संख्या जिले में 700 से अधिक है। यह बालू व गिट्टी लादकर अन्यत्र जाते हैं। इनमें अधिकांशत: वाहनों में वीटीएस मौजूद नहीं है। ऐसे में इनकी ऑनलाइन जांच नहीं की जा सक रही है। अब इन वाहनों के खिलाफ विभाग सख्ती करने जा रहा है।
यह है वीटीएस प्रणाली
जीपीएस आधारित इस तकनीक में वाहन पंजीकृत होने के बाद वीटीएस पोर्टल और मोबाइल एप से वाहनों की रियल टाइम लोकेशन, रूट बदलने पर अलर्ट, महीने भर में वाहन के चलने संबंधी आदि की जानकारी मिल सकेगी। इससे खनिज का अवैध परिवहन रुकने की उम्मीद है।
इन्होंने यह कहा
झांसी वरिष्ठ खान अधिकारी आरपी सिंह का कहना है कि खनिज वाहनों पर वीटीएस अनिवार्य है। कारोबारियों को अपने वाहनों में इसे लगवाने के लिए कार्यालय में कैंप भी आयोजित किया, लेकिन कुछ ने यह बनवाया। अब विभाग इन पर सख्ती करते हुए कार्रवाई करेगा।