16 वर्षीय संस्कार इकलौता बेटा था। उसने घरवालों से कहा था कि “हम बस 17 साल तक ही जिएंगे, आज मेरा आख़िरी दिन है।” यह बात सुनकर परिजनों ने इसे मजाक समझा, लेकिन कुछ ही देर बाद उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया।
12वीं के छात्र और इकलौते बेटे ने विषाक्त पदार्थ का सेवन कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है। मरने से पहले दीपावली के दिन मृतक ने अपने घरवालों से कहा कि आज मेरा आखिरी दिन है। परिवार के सदस्यों ने इसे मजाक समझकर नजरअंदाज कर दिया लेकिन कुछ देर बाद जो हुआ उसे देखकर सभी अवाक रह गये। घर में चीख पुकार मच गई। जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और आत्महत्या की वजह तलाशने के लिए जांच में जुट गई है।
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दर्दनाक घटना थाना कोतवाली मोंठ इलाके के ग्राम रेव की है। दीपावली के दिन 16 वर्षीय संस्कार ने संदिग्ध परिस्थितियों में विषाक्त पदार्थ सेवन कर आत्महत्या कर ली है। संस्कार प्रमोद खरे का इकलौता पुत्र था जो मोंठ स्थित सरस्वती इंटर कॉलेज में कक्षा 12वीं में पढ़ता था। बताया गया कि संस्कार ने बुधवार की शाम लगभग 5 बजे सल्फास की गोली खा ली, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन तत्काल उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना से पूरे परिवार में मातम छा गया है और गांव में शोक की लहर व्याप्त है।
परिजनों के अनुसार, दीपावली के दिन संस्कार ने घरवालों से कहा था कि “हम बस 17 साल तक ही जिएंगे, आज मेरा आख़िरी दिन है।” यह बात सुनकर परिजनों ने इसे मजाक समझा, लेकिन कुछ ही देर बाद उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस दर्दनाक घटना ने दीपावली की खुशियों को मातम में बदल दिया। गांव के लोग इस घटना से स्तब्ध हैं और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कोतवाल अखलेश द्विवेदी का कहना है कि तहरीर प्राप्त नहीं हुई है घटना की जानकारी हुई है, जांच चल रही है जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।