इस मामले में एक्स पर अखिलेश यादव के पोस्ट से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। अखिलेश की पोस्ट में लिखा है ‘भाजपाई शिक्षा नीति : न एडमिशन दो, न नौकरी देनी पड़ेगी। भाजपा के एजेंडे में शिक्षा और नौकरी है ही नहीं।
बुंदेलखंड विवि के दो शिक्षकों में विवाद का पीएचडी के लिए चयनित छात्र शिकार हो गया। उसकी फीस जमा नहीं हो रही है। इससे परेशान छात्र का दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी धरना जारी रहा। दूसरी तरफ सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के एक्स पर पोस्ट से राजनीतिक गलियारों में हलचल शुरू हो गई है।
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बरुआसागर के गिरजाशंकर कुशवाहा ‘कुशराज’ का नाम पांच दिसंबर को घोषित पीएचडी के परीक्षा फल में शामिल है। उसने फीस जमा करने के लिए पोर्टल खोलने की कोशिश की लेकिन कामयाबी नहीं मिली। उसने संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया मगर संतोषजनक जवाब नहीं मिला। फीस जमा करने की अंतिम तिथि 27 दिसंबर है, इसलिए उसने बुधवार से बीयू के गेट पर धरना शुरू कर दिया, जो बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। उसका आरोप है कि एक शिक्षक के इशारे पर उसका लिंक नहीं खोला जा रहा है। कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार का कहना है कि विवि में निष्पक्षता का ही प्रमाण है कि आरडीसी से उसका चयन हुआ। आरडीसी ने कुछ बिंदु को लेकर सशर्त फीस जमा की संस्तुति की है। इसको लेकर गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम फैसला होगा।
वहीं, दूसरी तरफ अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में लिखा है ‘भाजपाई शिक्षा नीति : न एडमिशन दो, न नौकरी देनी पड़ेगी। भाजपा के एजेंडे में शिक्षा और नौकरी है ही नहीं। समाजवादी छात्र सभा प्रदेश उपाध्यक्ष स्वदेश यादव धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि समाजवादी छात्र सभा छात्र के साथ है।