तापमान में गिरावट व आतिशबाजी के प्रदूषण से अस्थमा व टीबी रोगियों की दिक्कत बढ़ गई है। किसी की सांस फूलने लगी है तो कोई खांसते-खांसते बेहाल है। वायरल के प्रकोप से सिरदर्द, खांसी-जुकाम व बुखार की चपेट में लोग आ रहे हैं। शनिवार को अस्थमा के 25 रोगियों को ऑक्सीजन बेड पर भर्ती किया गया।
सबसे ज्यादा दिक्कत अस्थमा व टीबी रोगियों को
मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. रामबाबू सिंह ने बताया कि दीपावली के बाद तापमान में तेजी से हुई गिरावट और आतिशबाजी के प्रदूषण से स्मॉग (प्रदूषण और कोहरे का मिश्रण) छा गया है। इससे सबसे ज्यादा दिक्कत अस्थमा व टीबी रोगियों की बढ़ी है। अस्थमा रोगियों के श्वांस नलियों में सूजन आने से उनकी हालत खराब हो रही है। उनमें घबराहट और बेचैनी हो रही है। कमोबेश यही स्थिति टीबी रोगियों की है। उन्होंने बताया कि मौसम में तेजी से हुए बदलाव से वायरल का प्रकोप भी होने लगा है। इसकी चपेट में आने से लोगों को खांसी-जुकाम-बुखार हो रहा है। यही वजह है कि शनिवार होने के बावजूद ओपीडी में रोगियों की कतार लगी रही।
किसी का कान सुन्न तो किसी को हुआ दर्द
नाक-कान व गला रोग की ओपीडी में शनिवार को 175 से ज्यादा रोगी आए। किसी रोगी ने कान के सुन्न होने व झनझनाहट की शिकायत की तो किसी ने कान में दर्द व भारीपन की समस्या बताई। कुछ ने बताया कि आतिशबाजी की वजह से ऊंचा सुनाई देने लगा है। डॉक्टरों ने बताया कि कान के पर्दे व नसों में सूजन से यह दिक्कत हुई है।
जीआरपी लाइन में मिला मलेरिया रोगी
जीआरपी लाइन में मलेरिया का रोगी मिलने से जिला मलेरिया विभाग में हड़कंप मच गया। शनिवार को टीमों ने पुलिस लाइन में कीटनाशक का छिड़काव करते हुए लार्वा की जांच की। अब मलेरिया के रोगियों की संख्या दो हो गई है। जिला मलेरिया विभाग व नगर निगम की टीमें लगातार कीटनाशक का छिड़काव करने का दावा कर रही हैं। बावजूद इसके डेंगू व मलेरिया के रोगी मिल रहे हैं। विभाग के अनुसार डेंगू के 51 रोगी मिल चुके हैं। प्रभारी जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. उत्सव राज ने बताया कि जीआरपी लाइन में मलेरिया का रोगी मिलने के बाद टीमों को कीटनाशक के छिड़काव के लिए लगा दिया है।