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Jhansi: हर महीने सात लाख खर्च, फिर भी अतिक्रमण, महानगर में जगह-जगह हो रहा आवागमन प्रभावित

Mon, 06 Apr 2026 12:07 PM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क

सार

रविवार को अमर उजाला टीम की पड़ताल में मुख्य मार्गों पर ही बड़े पैमाने पर अतिक्रमण देखने को मिला। महानगर में जगह-जगह अतिक्रमण की वजह आवागमन बाधित रहा।
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नगर निगम के बाहर मुख्य सड़क पर अतिक्रमण। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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महानगर में अतिक्रमण हटाने के लिए नगर निगम लगातार अभियान चलाने का दावा करता है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। हर महीने ईटीएफ (प्रवर्तन कार्य बल) टीम, पीआरडी जवानों के मानदेय और वाहनों के डीजल पर करीब सात लाख रुपये खर्च होने के बावजूद शहर की प्रमुख सड़कों पर अतिक्रमण जस का तस बना हुआ है।
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रविवार को अमर उजाला टीम की पड़ताल में मुख्य मार्गों पर ही बड़े पैमाने पर अतिक्रमण देखने को मिला। बीकेडी से ग्वालियर रोड जाने वाले मार्ग पर चौराहा से लेकर जीआईसी तक जगह-जगह ठेले वालों ने सड़क घेर रखी थी। फल-सब्जी खरीदने आए लोगों ने भी सड़क पर वाहन खड़े कर दिए, जिससे यातायात प्रभावित रहा। बीकेडी से चित्रा चौराहा मार्ग पर भी यही हाल रहा। यहां खानपान की दुकानें सड़क पर संचालित होती मिलीं। पहले ये दुकानें फुटपाथ पर लगती थीं, लेकिन अब सीएम ग्रिड योजना के तहत सड़क निर्माण के बाद ठेले सीधे सड़क पर खड़े किए जा रहे हैं।सीपरी बाजार पुल के नीचे दोनों ओर सड़क अतिक्रमण की चपेट में रही। यहां बस स्टॉप तक ठेले वालों ने घेर रखा था। सड़क किनारे खानपान की दुकानें और बीच सड़क पर सवारी भरते ऑटो चालकों के कारण आवागमन बाधित होता रहा। इसके बावजूद नगर निगम की कार्रवाई कभी-कभार ही नजर आती है।
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