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Jhansi: इमरजेंसी में पिता-पुत्र के साथ सुरक्षा गार्डों ने की मारपीट, इलाज न होने का किया था विरोध

Mon, 27 Apr 2026 11:21 AM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क, झांसी

सार

इलाज को लेकर पीड़ित की जूनियर डॉक्टर से कहासुनी हो गई। आरोप है कि जेआर के इशारे पर सुरक्षा गार्डों ने पिता व पुत्र के साथ मारपीट की। सूचना पर मौके पर पुलिस पहुंच गई। इस दौरान जेआर ने एक दरोगा का मोबाइल भी छीन लिया।
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मेडिकल कॉलेज में जानकारी देते परिजन। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में महिला का इलाज न होने पर आपत्ति दर्ज करा रहे पिता-पुत्र के साथ सुरक्षा गार्डों ने मारपीट की। मौके पर पुलिस पहुंची तो जेआर ने दरोगा का मोबाइल छीन लिया। प्रमुख अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे तो जेआर मौका पाकर वहां से निकल गया।
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अलका सिंह की बड़ागांव में ससुराल है। पति प्रशांत कुमार सिंह ने बताया कि छह अप्रैल को पत्नी को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। अगले दिन ऑपरेशन से डिलीवरी हुई। बेटे के जन्म लेने के बाद पत्नी को कोई दिक्कत नहीं थी। दो दिन बाद पेट फूलने लगा और अलका की तबीयत बिगड़ने लगी। उसे निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया। चिकित्सकों ने बताया कि पेट की सफाई सही से न होने पर संक्रमण फैल गया है। वहां भी आराम न मिलने पर एक से दूसरे अस्पताल में भटकने के बाद तीन-चार लाख रुपये खर्च हो गए। जब पैसा नहीं बचा तो मरीज को शनिवार को फिर मेडिकल कॉलेज लाकर इमरजेंसी में भर्ती करा दिया। यहां सही से इलाज नहीं किया जा रहा था। इलाज को लेकर ही जूनियर डॉक्टर से कहासुनी हो गई। आरोप है कि जेआर के इशारे पर सुरक्षा गार्डों ने उसके और पिता के साथ मारपीट की। पुलिस भी मौके पर पहुंची। तभी जेआर ने एक दरोगा का मोबाइल भी छीन लिया।

प्रमुख अधीक्षक डॉ. सचिन माहुर ने बताया कि सूचना मिली थी कि मेडिसिन और सर्जरी वार्ड के चिकित्सकों में मरीज को भर्ती करने को लेकर सहमति नहीं बन पा रही है। मौके पर पहुंचकर बात की गई। फिर मरीज को मेडिसिन विभाग में भर्ती कराया गया। मारपीट और दरोगा का मोबाइल छीनने की किसी ने शिकायत नहीं की है।
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