बुंदेलखण्ड विश्वविद्यालय में संचालित पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ की सलाहकार बोर्ड की बैठक हुई। इसमें शोधपीठ के तहत कर्मकांड, ज्योतिष, बुद्धिज्म, जैनिज्म और बुंदेली कला व संस्कृति से संबंधित सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया गया।
बुंदेलखण्ड विश्वविद्यालय में संचालित पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ की सलाहकार बोर्ड की बृहस्पतिवार को कुलपति समिति कक्ष में बैठक हुई। इसमें शोधपीठ के तहत कर्मकांड, ज्योतिष, बुद्धिज्म, जैनिज्म और बुंदेली कला व संस्कृति से संबंधित सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया गया।
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बैठक में शोध को प्रोत्साहित करने के लिए दो पत्रिकाएं ‘उपस्थिति’ और ‘एकात्म प्रवाह’ प्रकाशित करने का भी फैसला लिया गया। इनके जरिये दीनदयाल उपाध्याय के विचारों, चिंतन और दर्शन पर आधारित शोध कार्यों को व्यापक मंच दिया जाएगा। कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचार आज भी राष्ट्र निर्माण के लिए मार्गदर्शक हैं और विश्वविद्यालय के जरिये इन पर शोध को प्रोत्साहित करना समय की जरूरत है। निदेशक प्रो. मुन्ना तिवारी ने कहा कि शोधपीठ आगामी सत्र में नई शोध योजनाओं व प्रकाशन के साथ कार्य को गति प्रदान करेगी।
बैठक में पत्रिका पंडित दीनदयाल उपाध्याय : एकात्म प्रवाह विशेषांक का भी विमोचन किया गया। इस दौरान कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार, वित्त अधिकारी प्रमोद कुमार, प्रो. एमएम सिंह, प्रो. आलोक वर्मा, प्रो. सौरभ श्रीवास्तव, प्रो. देवेश निगम, दिनेश कुमार मौजूद रहे। ब्यूरो