लहचूरा थाना क्षेत्र में नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी ने आरोपी सौतेले बाप को दोषी करार दिया। उसे 20 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई और 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
लहचूरा थाना क्षेत्र में नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के मामले में पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी ने आरोपी सौतेले बाप को दोषी करार दिया। उसे 20 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई और 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। पीड़िता की चाची की शिकायत पर चार साल पहले इस मामले में लहचूरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था।
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पीड़िता की चाची ने 29 अगस्त 2021 को पुलिस को तहरीर देकर बताया पड़ोस में उसका चचेरा जेठ प्रकाश आदिवासी अपनी दो पुत्रियों के साथ रहता है। उसकी पत्नी पहले पति को छोड़कर लड़कियों के साथ उसके साथ रहने लगी थी। प्रकाश की पत्नी की मृत्यु 7-8 वर्ष पहले हो चुकी है। सौतेले पिता के साथ उसकी 14 तथा 11 वर्ष की पुत्रियां रहती हैं। 17 अगस्त 2021 को बड़ी बेटी ने उसे आकर बताया कि पिता रात में उसके साथ गलत काम करता है। इस पर उसने अपने जेठ से आपत्ति जताई। 27 अगस्त को दोबारा उसकी भतीजी उसके पास रोते हुए आई और दुष्कर्म की बात कही। इस बार इस कृत्य को उसकी छोटी बहन ने भी देख लिया था।
पीड़िता और उसकी चाची की शिकायत पर लहचूरा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कोर्ट में दोष सिद्ध होने पर सौतेल बाप को सजा सुनाई गई। अर्थदंड की पूरी राशि पीड़िता को दी जाएगी। उसका उपयोग पीड़िता के पुनर्वास में किया जाएगा।