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Jhansi: मेडिकल कॉलेज अग्निकांड में कॉलेज का पक्ष रखेंगे प्रधानाचार्य, सवा साल पहले हुई थी घटना

Wed, 11 Feb 2026 12:34 PM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क, झांसी

सार

मेडिकल कॉलेज में 15 नवंबर 2024 को न्यू बॉर्न सिक केयर यूनिट में आग लग गई थी। 18 शिशुओं की मौत हो गई थी। शासन की ओर से मंगलवार को उन्हें प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नामित किया गया है।
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मेडिकल कॉलेज, झांसी - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में करीब सवा साल पहले हुए अग्निकांड में कॉलेज का पक्ष अब प्रधानाचार्य रखेंगे। शासन की ओर से मंगलवार को उन्हें प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नामित किया गया है। दोषी पाए गए अधिकारियों के खिलाफ प्रचलित अनुशासनिक जांच कार्रवाई में जल्द ही कोई निर्णय होने की संभावना है।
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मेडिकल कॉलेज में 15 नवंबर 2024 को न्यू बॉर्न सिक केयर यूनिट में आग लग गई थी। 18 शिशुओं की मौत हो गई थी। शासन स्तर से चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था। समिति की रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन प्रधानाचार्य डॉ. एनएस सेंगर को हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के महानिदेशालय से संबद्ध कर दिया गया था। तत्कालीन एसआईसी डॉ. सुनीता राठौर, अवर अभियंता विद्युत संजीत कुमार, एनआईसीयू वार्ड की नर्सिंग सिस्टर इंचार्ज संध्या राय को निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद कानपुर आयुक्त को डॉ. कुलदीप चंदेल, डॉ. ओमशंकर चौरसिया और तत्कालीन विद्युत प्रभारी अधिकारी की भूमिका की जांच का जिम्मा सौंपा गया।


बीती 13 जनवरी को कानपुर आयुक्त ने शासन को पत्र लिखकर प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए अधिकारियों के खिलाफ प्रचलित अनुशासनिक जांच कार्रवाई में विभागीय पक्ष प्रस्तुत करने के लिए प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नामित करने की मांग की गई थी। संयुक्त सचिव आनंद कुमार त्रिपाठी की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि विभाग का पक्ष प्रस्तुत करने के लिए झांसी मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य को अधिकारी नामित कर दिया गया है।
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डॉ. मयंक सिंह महानिदेशालय संबद्ध
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में उप प्रधानाचार्य और पैथोलॉजी विभाग के आचार्य का जिम्मा संभाल रहे डॉ. मयंक सिंह को चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशालय, लखनऊ संबद्ध कर दिया गया। सचिव डॉ. सारिका मोहन की ओर से जारी आदेश में उन्हें तत्काल संबद्धता स्थल पर योगदान आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। अचानक हुए इस आदेश के बाद चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि आदेश में कहा गया है कि अग्रिम आदेशों तक शासकीय कार्य हित में उन्हें संबद्ध किया जा रहा है। प्रधानाचार्य डॉ. शिव कुमार का कहना है कि संबद्धता संबंधी पत्र उन्हें प्राप्त हुआ है।
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