चर्चित हत्याकांड अरविंद यादव मामले में मुख्य आरोपी पूर्व प्रधान रिंकू यादव के कोर्ट मेें आत्म समर्पण कर देने से पुलिस को खासी किरकिरी झेलनी पड़ी। पूर्व प्रधान की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने एसओजी, सर्विलांस समेत कुल आठ टीमों को मैदान में उतार रखा था। उसकी सुरागकशी के लिए पुलिस टीम मध्य प्रदेश में खाक छानती रही लेकिन, आखिरकार मुख्य हत्यारोपी पुलिस के हाथ न आकर सीधे कोर्ट पहुंचकर आत्मसमर्पण करने में कामयाब रहा।
आठ सितंबर को बेहद दुस्साहसिक तरीके से भोजला गांव के बाहर बाइक सवारों ने डेयरी संचालक अरविंद यादव को उसकी पत्नी संगीता के सामने ही गोली से भूनकर हत्या कर डाली थी। प्रत्यक्षदर्शी संगीता ने उस दौरान मुख्य आरोपी के तौर पर पूर्व प्रधान रिंकू यादव का नाम लिया था। उसके बाद से पुलिस उसकी तलाश में जुट गई। पुलिस के तेज तर्रार माने जाने वाले दरोगा भी उसके पीछे लगाए गए लेकिन, रिंकू उनको चकमा देता रहा। मध्य प्रदेश में रिंकू आत्मसमर्पण न करने पाए इसके लिए झांसी पुलिस ने मध्य प्रदेश पुलिस को राजी कर लिया था। इस वजह से रिंकू तमाम कोशिशों के बावजूद मध्य प्रदेश में आत्म समर्पण नहीं कर सका। पुलिस रिंकू के पीछे लगी रही। उससे कई अहम राज जानने के लिए उसकी गिरफ्तारी की कोशिश करती रही लेकिन हत्यारोपी रिंकू ने झांसी पुलिस को यूपी में ही चकमा देकर कोर्ट के सामने हाजिर हो गया हालांकि उसके हाजिर हो जाने की भनक पुलिस को थी लेकिन, अंतिम समय में पुलिस चूक गई हालांकि एसपी सिटी प्रीति सिंह का कहना है कि अब उसे रिमांड में लेकर बयान दर्ज कराया जाएगा।