इनमें झांसी में ही 35 बैंक खाते पाए गए, इनका संचालन गिरफ्तार आरोपी कर रहे थे। पुलिस ने इनसे मिले 500 यूएसडीटी सीज कराने के साथ ही सात मोबाइल फोन, डायरी भी बरामद की है। प्रेमनगर थाने में नौ आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई। पुलिस वांछितों को तलाश रही है।
एसपी (साइबर) अरीबा नोमान के मुताबिक समन्वय पोर्टल में 325 साइबर फ्रॉड की शिकायतें की छानबीन करने पर 56 बैंक खातों का पता चला, जिनमें पैसा भेजा जाता था। करीब 403 करोड़ रुपये की मनी ट्रेल सामने आई। प्रेमनगर थाने के साइबर शाखा प्रभारी उपनिरीक्षक शिवकांत शुक्ल की टीम ने सुरागकशी करके ईसाईटोला निवासी दीपक वर्मा उर्फ सत्यम, अदनान हुसैन, आदिल हुसैन, जान पाल निवासी कृष्णानगर कॉलोनी खेरा, अभिषेक चौधरी निवासी सुम्मेर नगर और अर्चित श्रीवास्तव निवासी लहर गिर्द का पता लगाकर शुक्रवार को इनको गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में मालूम चला कि गिरोह का मास्टर माइंड गढिया फाटक निवासी अरमान है। उसके साथ ही अर्श एवं मो.फैज भी शामिल हैं। इन तीनों को पुलिस तलाश रही है। छानबीन में मालूम चला कि गिरोह के सदस्य देश भर में साइबर ठगी करने वाले गिरोहों से रकम अपने नियंत्रण वाले बैंक खातों में मंगाते थे। इसके बाद रकम को अलग-अलग माध्यमों से घुमाने के बाद उससे यूएसडीटी खरीदते थे। रकम को नंबर एक में बदलने और अपना कमीशन काटने के बाद साइबर ठगों तक रकम पहुंचाते थे।