बुंदेलखंड विवि के प्रशासनिक भवन के बाहर सोमवार को पीएचडी (मैनेजमेंट) की छात्रा बिलख-बिलखकर रोने लगी। उसने आरोप लगाया कि विभागाध्यक्ष एवं गाइड उसकी एसआरएफ (सीनियर रिसर्च फेलोशिप) की उपस्थिति स्वीकृत नहीं कर रहे हैं।
बुंदेलखंड विवि के प्रशासनिक भवन के बाहर सोमवार को पीएचडी (मैनेजमेंट) की छात्रा बिलख-बिलखकर रोने लगी। उसने आरोप लगाया कि विभागाध्यक्ष एवं गाइड उसकी एसआरएफ (सीनियर रिसर्च फेलोशिप) की उपस्थिति स्वीकृत नहीं कर रहे हैं। विभागाध्यक्ष का कहना है कि छात्रा झूठ बोलकर गलत कागज पर हस्ताक्षर कराना चाहती है।
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कैमसन निवासी पीएचडी छात्रा ने बताया कि उसके पति आईटीबीपी में इंस्पेक्टर हैं और सिक्किम में तैनात हैं। उसने जेआरएफ किया और छह माह का कोर्स वर्क करने के बाद गाइड नियुक्ति किया गया। अब उसकी उपस्थिति को विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना वर्मा और गाइड डॉ. जोत वर्मा मंजूर नहीं कर रहे हैं। इसके चलते, यूजीसी को वह अपग्रेड नहीं कर पा रही है। आरोप लगाया कि वह लगातार चक्कर लगा रही है मगर उसकी सुनवाई नहीं हो रही है जबकि वह तीन माह गर्भवती है। प्रशासनिक ब्लॉक में यही कहा जाता है कि जब फाइल आएगी, तब फैसला होगा। वहीं, विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना वर्मा का कहना है कि उसने फर्जी तरीके से उपस्थिति दर्ज की है। जिस दिन गाइड के ससुर का निधन हुआ था, उस दिन भी उपस्थिति दर्ज कर दी है।