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झांसी: स्मार्ट मीटर लगाने को खुद नहीं तैयार... दूसरों पर बना रहे दबाव, 1152 बिजली कर्मियों में केवल 190 के लगे

Mon, 08 Dec 2025 07:09 PM IST
दीपक महाजन संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी

सार

आम उपभोक्ताओं पर तो स्मार्ट मीटर लगवाने का दबाव बनाया जा रहा है लेकिन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी खुद अपने घरों में इन्हें लगाने से कतरा रहे हैं। मुख्यालय से सख्ती होने के बाद अब यह विरोध पर उतारू हैं।
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स्मार्ट मीटर। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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दूसरों को नसीहत...खुद मियां फजीहत। यह कहावत इन दिनों बिजली विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के दोहरे मापदंडों को उजागर कर रहा है। आम उपभोक्ताओं पर तो स्मार्ट मीटर लगवाने का दबाव बनाया जा रहा है लेकिन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी खुद अपने घरों में इन्हें लगाने से कतरा रहे हैं। मुख्यालय से सख्ती होने के बाद अब यह विरोध पर उतारू हैं।
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पिछले कई महीनों से स्मार्ट मीटर लगाने की योजना को पारदर्शिता और दक्षता का प्रतीक बताकर प्रचारित किया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि ये मीटर बिजली चोरी रोकेंगे और उपभोक्ताओं को उनके वास्तविक उपभोग के लिए जिम्मेदार बनाएंगे लेकिन झांसी मंडल में कई बिजली अफसर और कर्मी इस पर सहमत नजर नहीं आ रहे हैं। यही वजह है कि कुल 1,152 में अब तक केवल 190 ने ही अपने घरों पर यह मीटर लगवाए हैं। इसका सीधा अर्थ है कि वे अपने विशेष अधिकारों और भारी सब्सिडी वाली बिजली के उपभोग को बनाए रखना चाहते हैं। उन्हें डर है कि स्मार्ट मीटर आते ही उनका वीआईपी बिल सामने आ जाएगा।

कनेक्शन कटा तो कार्यालय घेरकर किया विरोध
पावर कारपोरेशन का स्पष्ट निर्देश है कि बिजली अफसरों और कर्मियों के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जाएं। यदि वह इसमें आनाकानी करते हैं तो कनेक्शन काट दिया जाए। इसके चलते गत रोज हाईडिल उपकेंद्र से बिजली कर्मियों के आवास की बिजली काट दी गई। दोपहर से देर शाम तक बिजली नहीं आई तो फिर कर्मचारियों के घरों की महिलाओं ने मुख्य अभियंता कार्यालय घेरकर विरोध जताया। बिजली तो देर शाम को जुड़वा दी गई लेकिन उनसे कहा गया है कि स्मार्ट मीटर उन्हें हर हाल में लगवाना है।
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निगम सख्त, स्मार्ट मीटर नहीं लगवाया तो रुकेगा वेतन
विद्युत वितरण मंडल झांसी के मुख्य अभियंता केपी खान के अनुसार, आम उपभोक्ता के साथ बिजली अफसर और कर्मियों के यहां स्मार्ट मीटर लगना अनिवार्य है। इसमें कुछ के यहां लगा भी दिए गए हैं। पावर कारपोरेशन के स्पष्ट निर्देश है कि यदि कोई अधिकारी-कर्मचारी मीटर नहीं लगवाते हैं तो उनकी वेतन रोका जाए। फिलहाल अधिकारी-कर्मियों को निर्देश दे दिए गए हैं कि वह अपने-अपने आवास पर यह मीटर आवश्यक रूप से लगवाएं।

भुगतान करते हैं बिजली अफसर-कर्मी (प्रति माह में)

अवर अभियंता 888 रुपये
सहायक अभियंता 1092 रुपये
अधीक्षण अभियंता 1626 रुपये
मुख्य अभियंता 1836 रुपये
लिपिक             540 रुपये
चतुर्थ श्रेणी कर्मी 444 रुपये
(इसके अलावा एसी लगाने पर प्रति एसी पांच सौ रुपया अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता है।)

यह बोले कर्मचारी नेता
संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक सत्यदेव पाठक का कहना है कि कर्मचारियों के यहां मीटर लगाने का निर्णय बिल्कुल सही नहीं है। पावर कारपोरेशन अब हर कीमत पर निजीकरण ही चाहता है। उसी के रास्ते पर चल रहा है। कर्मचारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। हालांकि कर्मचारियों की एकजुटता के चलते अब तक प्रबंधन सफल नहीं हो पाया है।
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