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Jhansi: विद्यालय प्रबंधन से नाराज नवोदय के छात्रों ने खुद को हॉस्टल में किया बंद, रातभर समझाते रहे अफसर

Thu, 17 Sep 2026 11:48 AM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क, झांसी

सार

छात्रों के हॉस्टल में खुद को बंद कर लेने से प्रशासनिक अफसरों में खलबली मच गई। छात्रों ने अंदर से हॉस्टल की लाइट बंद कर ली थी। देर-रात तक अफसर उनको समझाने की कोशिश में जुटे रहे।
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नवोदय विद्यालय में मौजूद प्रशासन। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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जवाहर नवोदय विद्यालय के कक्षा 9 से 12वीं के अरावली शिवालय हॉस्टल के छात्रों ने विद्यालय प्रबंधन से नाराज होकर खुद को हॉस्टल के अंदर बंद कर लिया। शाम को असेंबली में नहीं आए। रात में खाना खाने के लिए भी कमरों से नहीं निकले।
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विद्यालय प्रबंधन की ओर से पहले उनको मनाने की कोशिश हुई, लेकिन छात्रों ने उनकी बात नहीं सुनी। काफी देर तक उनके बीच गतिरोध चलता रहा। बाहर न आने पर छात्रों के अड़ जाने से विद्यालय प्रबंधन ने रात करीब 10 बजे बरुआसागर पुलिस को सूचना दी। थोड़ी देर में मौके पर थानाध्यक्ष प्रकाश सिंह पहुंच गए। उन्होंने भी छात्रों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह बाहर निकलने को राजी नहीं हुए। छात्रों के हॉस्टल में खुद को बंद कर लेने की सूचना पर प्रशासनिक अफसरों में खलबली मच गई। थोड़ी देर में एसडीएम सदर देवेंद्र प्रताप सिंह, सीओ रक्षपाल सिंह समेत अन्य अफसर पहुंच गए। प्रशासनिक अफसरों ने छात्रों से बात करते हुए उनको समझाने की काफी कोशिश, लेकिन छात्र अपनी मांग पर अड़े हुए थे। उनका कहना है कि विद्यालय प्रबंधन लगातार मनमाने तरीके से काम कर रहा है। उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। छात्रों ने अंदर से हॉस्टल की लाइट बंद कर ली थी। देर-रात तक अफसर उनको समझाने की कोशिश में जुटे रहे।

प्रधानाचार्य को हटाने की मांग
हॉस्टल में बंद छात्रों ने प्रधानाचार्य वीरेंद्र कुशवाह पर उत्पीड़न और मनमाने तरीके से काम करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि अभिभावकों के विद्यालय आने पर उनके साथ कथित तौर पर अपमानजनक व्यवहार किया जाता है। दबाव बनाकर टीसी लेने के लिए मजबूर किया जाता है और बोर्ड कक्षाओं के छात्रों को अकारण निलंबित कर घर भेज दिया जाता है। छात्रों ने कक्षा 10 के एक छात्र का उदाहरण देते हुए बताया कि वह करीब एक माह बीमार रहने के बाद स्वस्थ होकर विद्यालय लौटा, लेकिन उसे दोबारा विद्यालय में नहीं लिया गया। छात्रों ने प्रधानाचार्य और पीटी शिक्षक को तत्काल हटाने की मांग की है।
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