झांसी के टोड़ी फतेहपुर के कुटोरा गांव में मंगलवार सुबह बच्चों के सामने मां-बाप की तलवार से काटकर नृशंस हत्या कर दी गई। हत्यारोपी पड़ोस में रहने वाला बुजुर्ग है। हत्या के बाद खून से सनी तलवार लेकर वह खुद थाने जा पहुंचा।
झांसी के कुटोरा गांव में दिल दहला देने वाली घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई। छानबीन में हत्यारोपी ने स्वीकारा कि फसल काट लेने की वजह से वह दंपती से खुन्नस रखता था। हत्या का आरोपी काशीराम घर में अकेले ही रहता था। उसकी पत्नी चंदावारी की 12 साल पहले मौत हो चुकी जबकि उसके दोनों बेटे लाखन एवं अंटू बाहर रहकर जीविकोपार्जन करते हैं।
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काशीराम के पड़ोसियों का कहना है कि दोनों बेटे भी काशीराम से अधिक मतलब नहीं रखते थे। बेटों ने बाहर ही शादी कर ली थी। इसके बाद से वह गांव में कम आते थे। लाखन मई में ही गांव आया था। काशीराम अकेला रहता था।
गांव के लोगों से भी कम मतलब रखता था। पड़ोसियों का कहना है कि अक्सर वह पुष्पेंद्र पर चोरी छिपे फसल काट लेने का आरोप लगाता था। पिछले माह मूंगफली की फसल उखाड़ लेने की बात कहते हुए काशीराम ने जमकर हंगामा किया किया था।
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एक माह पहले निकाली थी संदूक में रखी तलवार
उसका पुष्पेंद्र से झगड़ा भी हुआ था। इसके बाद से उसने अपने घर में रखी तलवार को संदूक से बाहर निकाला था। कुछ दिनों पहले वह अपनी तलवार लेकर खेत तक गया था लेकिन, उस समय लोग उसके खतरनाक इरादे भांप नहीं सके थे।
हालांकि पुलिस सिर्फ फसल काट लेने के विवाद को ही हत्या की वजह नहीं मान रही है। एसपी (आरए) गोपीनाथ सोनी का कहना है कि हत्यारोपी ने प्रारंभिक पूछताछ में यह बात मानी थी कि फसल काट लेने की वजह से उसका पुष्पेंद्र से झगड़ा होता था लेकिन अन्य पहलुओं पर भी जांच की जा रही है। दोहरे हत्याकांड की सूचना पर एसएसपी सुधा सिंह, एसपी (आरए) गोपीनाथ सोनी समेत अन्य पुलिस अफसर मौके पर जा पहुंचे। फोरेंसिक टीम भी बुला ली गई।
बच्चे मां-बाप को बचा लेने की लगाते रहे गुहार
हत्यारोपी काशीराम ने मां-बाप को उसके बच्चों के सामने ही काट दिया। अपने मां-बाप को खून से लथपथ देख दोनों बच्चे डर के चीख उठे। उनकी चीख सुनकर ही आस पड़ोस के लोग पहुंचे। घटना के समय उनकी बेटी अंशिका एवं बेटा राज भी वहां थे। पड़ोस में रहने की वजह से काशीराम को वह दोनों बाबा कहकर पुकारते थे। काशीराम ने जैसे ही पुष्पेंद्र पर तलवार से वार किया, अंशिका चीख उठी। उसकी चीख सुनकर मां संगीता के बाहर निकली तो काशीराम ने उस पर भी जानलेवा हमला कर दिया।
बच्चों के सामने मां-बाप की तलवार से काटकर नृशंस हत्या
झांसी के टोड़ी फतेहपुर के कुटोरा गांव में मंगलवार सुबह बच्चों के सामने मां-बाप की तलवार से काटकर नृशंस हत्या कर दी गई। हत्यारोपी पड़ोस में रहने वाला बुजुर्ग है। हत्या के बाद खून से सनी तलवार लेकर वह खुद थाने जा पहुंचा। दोहरे हत्याकांड की सूचना पर एसएसपी सुधा सिंह, एसपी (आरए) गोपीनाथ सोनी समेत अन्य पुलिस अफसर मौके पर जा पहुंचे। फोरेंसिक टीम भी बुला ली गई।
पूछताछ के दौरान हत्यारोपी ने पुरानी रंजिश की बात स्वीकारी। उधर, देर-शाम परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने हत्यारोपी बुजुर्ग समेत छह के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली। पुलिस अन्य सभी पहलुओं की जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम कराने के बाद देर-शाम दोनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एहतियातन गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुटोरा गांव निवासी पुष्पेंद्र घोष (40) पुत्र कैलाश दूध का कारोबार करता था। मंगलवार सुबह करीब सात बजे पसोरा गांव से दूध बांटने के बाद वह घर के बाहर बैठा था। उसी समय पड़ोस में रहने वाला काशीराम घोष (62) हाथ में तलवार लेकर जा पहुंचा। पुष्पेंद्र ने उसकी नीयत भांपकर अंदर कमरे में भागने की कोशिश की लेकिन काशीराम ने सीधे उसके सिर पर वार कर दिया। पुष्पेंद्र लहूलुहान होकर जमीन पर जा गिरा। पुष्पेंद्र की चीख सुनकर कमरे से उसकी पत्नी संगीता बचाने के लिए बाहर निकली।
काशीराम के सिर पर उस समय खून सवार था। उसने संगीता पर भी दनादन कई वार कर डाले। वह भी लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ी। उनकी 13 साल की बेटी अंशिका एवं 10 साल का बेटा राज भी वहीं थे। दोनों यह दृश्य देखकर कांप उठे। चारों ओर खून फैल गया। उनको तड़पता छोड़ काशीराम वहां से भाग निकला। आसपास के घरों में भी चीख पुकार मच गई। कुछ देर में पुष्पेंद्र ने दम तोड़ दिया जबकि संगीता को नाजुक हालत में गुरसराय सीएचसी ले जाया गया। यहां उसकी भी मौत हो गई।
उधर, हत्यारोपी कुछ देर बाद खून से सनी तलवार लेकर खुद ही थाने जा पहुंचा। पुलिस उसे गिरफ्तार कर पूछताछ में जुटी है। एसएसपी सुधा सिंह के मुताबिक, हत्यारोपी पुष्पेंद्र का पड़ोसी है। उनके बीच विवाद चल रहा है। इसी रंजिश में ही उसने दोनों की हत्या की। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।