झांसी में पुलिस ने शीला की हत्या का खुलासा हो गया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में उसके भतीजे और देवरानी को गिरफ्तार किया है। हत्या में इस्तेमाल हंसिया भी बरामद कर ली है।
झांसी के थाना बबीना के मुखिया नगर निवासी शीला की हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने उसके भतीजे बृजलाल एवं देवरानी मीना को गिरफ्तार कर लिया। बृजलाल ने बताया कि उनके बीच जमीन को लेकर विवाद है। चाची शीला अक्सर उसे एवं उसकी मां को सरेआम बेइज्जत करती थी।
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कुछ दिन पहले विवाद के बाद शीला ने गाली-गलौज की थी। इसका बदला लेने के लिए उसने शीला की हत्या कर शव को खेत में बने गड्ढे में फेंक दिया था। उसकी निशानदेही पर कत्ल में इस्तेमाल हंसिया भी बरामद कर ली गई। बुधवार को दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
क्षेत्राधिकारी रामवीर सिंह के मुताबिक मुखिया नगर में बृजलाल के पास करीब 66 डिसमिल सिंचित जमीन है। पिता जगन की मौत के बाद उसकी मां मीरा जमीन की देखरेख करती हैं जबकि बृजलाल परिवार के साथ बड़ा तालाब गांव स्थित पुश्तैनी मकान में रहता है।
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पड़ोस में उसका चाचा गणेश भी परिवार के साथ रहता है। रास्ते की जमीन को लेकर उनके बीच अक्सर झगड़ा होता था। पूछताछ में बृजलाल ने बताया कि कुछ दिनों पहले गणेश के परिजन उसकी जमीन से ट्रैक्टर लेकर जा रहे थे।
मां मीरा के विरोध करने पर उन लोगों ने गाली-गलौज की। चाची शीला ने मां मीरा एवं उसे गालियां दी। सबके सामने हुई बेइज्जती उसे सहन नहीं हुई। उसने शीला की हत्या का मन बना लिया।
10 नवंबर को अपनी मां के साथ मिलकर शीला को बातों में उलझाकर गांव से दूर पहाड़ी पर ले गया। दोनों ने मिलकर शीला के हाथ साड़ी से बांध दिए। इसके बाद हंसिया से गोदकर हत्या कर दी। शव फेंककर घर लौट आए। पुलिस ने मंगलवार को दोनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उनको हिरासत में लिया था। पुलिस टीम में थाना प्रभारी तुलसीराम पांडेय, उपनिरीक्षक सुनील त्रिपाठी, संत प्रकाश त्रिपाठी आदि शामिल थे।
हत्या कर घर आकर धुल दिए खून से सनी जैकेट
पूछताछ में बृजलाल ने बताया कि हत्या करने के बाद वह सीधे घर आया। सबसे पहले खून से सनी जैकेट को साफ किया जबकि जींस साफ नहीं कर सका था। पुलिस को उसके घर से जैकेट को साफ करने के निशान मिले। जींस भी पुलिस ने बरामद कर ली। उसने बताया कि कपड़े धोते समय ही उसके चाचा कमल का फोन आ गया था। इस वजह से वह जींस धुल नहीं सका। जींस को वहीं छोड़कर चाची को तलाशने निकल गया। सुबह आकर उसे नींद लग गई।
घटनास्थल से बरामद हुई चूड़ियों ने पुलिस का शक किया गहरा
घटनास्थल से पुलिस को दो अलग-अलग रंग की चूड़ियां बरामद हुई थीं। शीला ने लाल रंग की चूड़ियां पहन रखी थीं। उसके हाथ में पहनीं चूड़ियां वहां बिखरी पड़ी थीं जबकि घटना के पास ही रंग बिरंगी चूड़ियां भी मिलीं। इन चूड़ियों के मिलने से पुलिस को यकीन हो गया कि घटनास्थल पर किसी दूसरी महिला की मौजूदगी थी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिस तरह की चूड़ियां घटनास्थल से मिलीं, वैसी चूड़ियां मीरा ने भी पहन रखी थी। इस वजह से उन दोनों पर पुलिस का शक गहरा हो गया। पूछताछ में मालूम चला कि बृजलाल ने सोमवार को ही हत्या कर शीला की लाश जंगल के अंदर छिपा दी थी। जब शीला के परिजन उसे तलाश रहे थे तब बृजलाल तलाशने के बहाने उनको लेकर दूसरी ओर निकल गया। घंटों वे लोग मोहल्लों में तलाशते रहे। इस वजह से सोमवार को शीला की लाश नहीं मिल सकी। मंगलवार सुबह साढ़े नौ बजे उसकी लाश बरामद हो सकी।