फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhansi: आदेश कागजों में सिमटा, नजूल की भूमि से कब्जा हटवाने में नगर निगम फेल, 15 मुकदमों में हो चुका निर्णय

Tue, 06 Jan 2026 01:17 PM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क, झांसी

सार

सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट से पीपीई एक्ट के तहत 15 मुकदमों में नजूल भूमि पर कब्जाधारकों की बेदखली का आदेश होने के बावजूद नगर निगम प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा। वर्षों बीतने के बावजूद अब तक जमीन पर कब्जा नहीं ले पाया है।
 
विज्ञापन
नगर निगम, झांसी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नगर निगम/स्मार्ट सिटी में अब तक पुरानी फाइलों की पड़ताल में गड़बड़ियों की परतें खुल रही थीं लेकिन अब लापरवाही की इंतहा पार कर देने का मामला सामने आया है। सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट से पीपीई एक्ट के तहत 15 मुकदमों में नजूल भूमि पर कब्जाधारकों की बेदखली का आदेश होने के बावजूद नगर निगम प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा। वर्षों बीतने के बावजूद अब तक जमीन पर कब्जा नहीं ले पाया है।
विज्ञापन


हाल में नगर निगम में पत्रावलियों की जांच में अधिकारियों के हाथ एक ऐसा कागज लगा, जिसे देखकर वे भी चकरा गए। ये पत्र वर्ष 2018 में नगर निगम के तत्कालीन प्रभारी अधिकारी वाद आरपी सिंह ने संयुक्त नगर आयुक्त को लिखा था। पत्र में उल्लेख किया गया था कि नगर निगम की नजूल संपत्ति पर न्यायालयों के निर्णय के बाद अतिक्रमण हटाया जाना है। नजूल भूमि पर बेदखली के लिए पारित पीपीई एक्ट के निर्णयों की अनुपालन आख्या के संबंध में कब्जा प्राप्त करने और क्षतिपूर्ति वसूली के लिए नगर निगम को अधिकृत किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रकरणों को निस्तारित हुए लगभग 10 से 12 साल का समय बीत चुका है। नगर निगम के स्तर से आज तक कब्जा प्राप्त कर अनुपालन आख्या न्यायालय में दाखिल नहीं की जा पा रही है। पत्र में 15 मामलों में उल्लेख भी किया गया, जिसमें सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट से कब्जाधारक को बेदखली का आदेश हुआ है। यह पत्र हाथ लगते ही अब नगर निगम प्रशासन ने कोर्ट के आदेश के क्रम में अपनी भूमि को कब्जामुक्त कराने में जुट गया है।

अब तीनों जोनल अफसर जारी करेंगे नोटिस
अपर नगर आयुक्त राहुल कुमार यादव का कहना है कि सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट से बेदखली का आदेश होने के बाद अब तीनों जोनल अधिकारी कब्जाधारकों को नोटिस जारी करेंगे। सभी जमीनों से कब्जाधारकों को हटवाया जाएगा।
विज्ञापन



पांच केसों में तो 20 साल पहले हो चुका निर्णय
सूची में दर्ज पांच केसों में तो 20 साल पहले यानी 2005 में सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट से बेदखली का आदेश हो चुका है। वहीं, एक-एक 2006, 2008 और 2013 में एक-एक मुकदमे में ऐसा ही आदेश हुआ। जबकि, 2009 में तीन और 2012 में चार मामलों में नगर निगम के पक्ष में निर्णय आया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें