बारिश और जलभराव की वजह से मच्छरों का प्रकोप होने लगा है। जिला अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में कई रोगियों में डेंगू के लक्षण दिखने पर उनकी जांच कराई गई। इनमें तीन रोगियों में डेंगू की पुष्टि हुई है।
नगर निगम प्रशासन लगातार फॉगिंग का दावा कर रहा है। मलेरिया विभाग डेंगू रोगी मिलने पर 500 मीटर की परिधि में सघन कीटनाशक के छिड़काव का दावा कर रहा है। बावजूद इसके मच्छरजनित रोग बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार बड़ागांव में 26 वर्षीय युवक, मोंठ के मातनपुरा में 32 वर्षीय युवक और कोतवाली क्षेत्र के दतिया गेट बाहर में 52 वर्षीय व्यक्ति में डेंगू की पुष्टि हुई है। जिससे अब तक मिले डेंगू के रोगियों की संख्या 21 हो गई है। जन स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. उत्सव राज ने बताया कि इन तीनों रोगियों के इलाकों में टीमों को भेजकर कीटनाशक का छिड़काव और लार्वा की जांच करवा ली है।
मच्छरों के काटने से हो सकती है जानलेवा बीमारियां
विश्व मच्छर दिवस पर बृहस्पतिवार को सीएमओ कार्यालय में जागरूकता गोष्ठी हुई। सीएमओ डॉ. शिशिर पुरी ने कहा मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए जन-जागरूकता महत्वपूर्ण है। मच्छर के काटने से डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, जापानी इंसेफेलाइटिस, फाइलेरिया एवं जीका बुखार जैसी जानलेवा बीमारियां हो सकती हैं। मच्छरों की उत्पत्ति के लिए पानी का ठहराव प्रमुख कारण है। इस दौरान जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. रविशंकर, डॉ. रमाकांत स्वर्णकार, जिला मलेरिया अधिकारी राजीव कुमार त्रिपाठी, डॉ. जूही सूलिया, डॉ. विजयश्री शुक्ला आदि मौजूद रहे।