कोर्ट ने दहेज हत्या मामले में सुनाई सजा
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अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार यादव की कोर्ट ने हत्या के एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में नारी को दुर्गा शक्ति का प्रतीक मानते हुए पूजा एवं सम्मान दिया जाता है। दोष सिद्ध अपराधी की शादी हिंदू रीति रिवाज से हुई थी। शादी के दौरान अग्नि के समक्ष पत्नी को यह वचन दिया होगा कि वह आजीवन उसकी सुरक्षा करेगा किंतु स्वयं फरसा मारकर पत्नी की हत्या कर दी। न्यायालय ने अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत तमाम सुबूत के आधार पर पति रामशरन को दोष सिद्ध करार देते हुए आजीवन कारावास समेत 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि थाना पूंछ के ग्राम चितगुवां निवासी लाखन सिंह राजपूत ने थाने में तहरीर दी कि 2 जनवरी 2021 को दोपहर तीन बजे उसी गांव का रहने वाला रामशरन उर्फ बब्लू राजपूत हाथ में फरसा लेकर आया और पत्नी लक्ष्मी देवी को पुकार लगाई। बाहर आते ही उसने फरसे से पत्नी पर वार कर घायल कर दिया। लक्ष्मी खून में लथपथ जमीन पर गिर पड़ी।
पुलिस ने न्यायालय में आरोपी के ख़िलाफ चार्जशीट पेश की। दोष सिद्ध होने पर दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई तथा 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। अर्थदंड अदा न करने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास काटना होगा।