प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय से एमबीए करने के बाद निहारिका तमोरी बैंक में असिस्टेंट मैनेजर की नौकरी करने लगी लेकिन, इसी बीच परिवार की जिम्मेदारियों के कारण उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी। फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी। दो साल पहले अपना मेकअप स्टूडियो शुरू किया। वह युवतियों को प्रशिक्षित कर रही हैं और मेकअप आर्टिस्ट के तौर पर भी पहचान बना चुकी हैं।
सीपरी बाजार, झांसी की रहने वाली निहारिका बताती हैं कि उन्होंने स्नातक की पढ़ाई के बाद नोएडा के एक विश्वविद्यालय से एमबीए किया। इसके बाद बैंक में नौकरी करने लगीं। लेकिन, शादी के बाद परिवार की जिम्मेदारियों के कारण नौकरी छोड़नी पड़ी। उन्होंने तय किया कि वह अपना स्टार्टअप शुरू करेंगी। उनका बचपन से ही मेकअप, परिधान डिजाइन आदि का शौक था। उन्होंने मेकअप की फील्ड को आजमाया। लॉकडाउन के दौरान मेकअप आर्टिस्ट के तौर पर प्रशिक्षण लिया।
दो साल पहले सीपरी बाजार में निहारिका आर्टिस्ट्री के नाम से स्टूडियो शुरू किया। युवतियों को मेकअप आर्टिस्ट का प्रशिक्षण भी देती हैं। उन्होंने बताया कि आमतौर पर मेकअप आर्टिस्ट के कोर्स की फीस खासी महंगी होती है। कॉलेज जाने वाली लड़कियां और निम्न मध्य वर्ग की युवतियां इसे वहन नहीं कर पातीं। यही कारण है कि उन्होंने अपनी फीस न्यूनतम रखी है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लड़कियां प्रतिक्षित होकर स्वरोजगार कर सकें। निहारिका का मानना है कि अगर कुछ करने की लगन हो तो कोई भी काम मुश्किल नहीं है। दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर मुश्किलों को आसान बनाया जा सकता है।