झांसी। खजुराहो फोरलेन पर फर्राटा भरने की उम्मीद इस साल छोड़ दीजिए। फोरलेन निर्माण की रफ्तार पर बाधाओं ने ब्रेक लगा दिया है। कहीं अवैध निर्माण, कहीं धर्मस्थल, तो कहीं लोगों के कब्जा न छोड़ने से निर्माण कार्य पूरा होने में देरी हो रही है। निर्माण कार्य शुरू होने के साथ एनएचएआई के अफसरों ने नवंबर 2020 तक काम पूरा करने का दावा किया था, लेकिन लगातार आ रहीं रुकावटों के चलते फोरलेन पर फर्राटा भरने के लिए इंतजार करना होगा। अब तक झांसी और एमपी का क्षेत्र मिलाकर 186 किमी में से करीब 125 किमी निर्माण ही पूरा हो सका है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने झांसी से खजुराहो तक 1100 करोड़ रुपये की लागत से 186 किमी फोरलेन का निर्माण फरवरी 2018 में शुरू किया था। इसके तहत मध्यप्रदेश में 110 किमी मार्ग निर्माण होना है। जिसमें से करीब 80 किमी का निर्माण पूरा कर लिया गया। जबकि झांसी में फोरलेन निर्माण फंस रहा है। जिले में 76 किमी लंबे मार्ग के निर्माण के लिए 76 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया। अब तक करीब 45 किमी मार्ग का निर्माण ही पूरा हो सका है। जबकि 21 किमी में काम चल रहा है। मगर 10 किमी क्षेत्र में निर्माण कार्य में कब्जे बाधा बन रहे हैं। एनएचएआई मार्ग निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण के तौर पर करीब 90 करोड़ रुपये मुआवजा वितरित कर चुका है। इसके बाद भी कहीं लोग कब्जा नहीं छोड़ रहे हैं, तो कहीं धर्मस्थल और अन्य निर्माण बाधा बन रहे हैं। हालांकि इन स्थानों पर एनएचएआई ने निर्माण सामग्री डाल दी है। इसके चलते लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। गिट्टी और बालू के चलते लोग आए दिन चुटहिल हो रहे हैं। प्रशासन और एनएचएआई निर्माण में आ रही बाधाओं को दूर करने में जुटा है, लेकिन एक महीने में निर्माण पूरा होने मुश्किल नजर आ रहा है। ऐसे में झांसी से खजुराहो तक फोरलेन पर अगले साल ही लोग फर्राटा भर पाएंगे। इस फोरलेन के बाद लोगों और पर्यटकों को काफी राहत मिलेगी। साथ ही सफर आसान हो जाएगा।
इन स्थानों पर आ रहीं बाधाएं
- नाहटक्षीर क्षेत्र में पुराने मार्ग पर बनी बाउंड्रीवाल और पेड़ नहीं काटे जा सके हैं।
- गांव जावन में करीब 800 मीटर भाग पर लोग कब्जा नहीं छोड़ रहे हैं।
- गांव धुराट में धर्मस्थल को हटाने में बाधा हो रही है।
- गांव बंगराधवा में किसान कब्जा छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। चौकी को नहीं हटाया गया है।
- गांव निमौनी में 400 मीटर भूमि का कब्जा नहीं छोड़ा गया।
- गांव झांकरी/रूपाधमना, ढिमलौनी में किसान भूमि को खाली नहीं कर रहे हैं।
- बसरिया, भंड़रा, देवरीघाट मार्ग पर 1800 मीटर में किसान दोबारा माप करने की मांग कर रहे हैं।