रेलवे झांसी- कानपुर डबल ट्रैक पर ऊसरगांव से भीमसेन (69 किलोमीटर) तक पटरी बिछाने का ठेका छीनकर चीन को एक और झटका दे सकता है। 264 करोड़ रुपये के इस काम को चीन की चाइना रेल कंपनी डी 21 ने हैदराबाद की श्री श्रीनिवासन कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंप रखा है। कोरोना महामारी के चलते इन दिनों यह काम धीमी गति से चल रहा है। झांसी-कानपुर डबल ट्रैक में 206 किलोमीटर तक काम होना है। इसकी जिम्मेदारी रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) को सौंपी गई है। आरवीएनएल ने तीन कंपनियों को टुकड़ों में काम सौंप रखा है। अभी तक 87 किलोमीटर ट्रैक का काम ही पूरा हो सका है। पूर्व मेेें इसमें झांसी- पारीछा के बीच 24 किलोमीटर, पारीछा से नंदखास के बीच 19 और पिरौना- एट, भुआ स्टेशन के बीच 27 किलोमीटर व सरसोकी व उसरगांव तक डबल ट्रैक (17.585) रेल लाइन चालू हो चुकी है। ऊसरगांव से भीमसेन (69 किलोमीटर) तक का 264 करोड़ रुपये का काम हैदराबाद की कंपनी एसईडब्लू को सौंपा गया था, लेकिन यह कंपनी बीच में ही काम छोड़कर चली गईं। पिछले साल इस छूटे काम को चीन की चाइना रेल कंपनी डी 21 को सौंपा गया था। चीन की कंपनी हैदराबाद की श्री श्रीनिवासन कंस्ट्रक्शन कंपनी से काम को पूरा करा रही है। मगर अब चीन की कायरता पूर्ण हरकतों के कारण उससे काम छिनने शुरू हो गए हैं। बीते रोज रेलवे ने चीन को कानपुर से दीनदयाल उपाध्याय स्टेशन के बीच सिग्नलिंग और टेलीकॉम का दिया गया 471 करोड़ का ठेका निरस्त कर दिया। उम्मीद लग रही है कि रेलवे ऊसरगांव से भीमसेन के बीच का ठेका भी रद्द करके चीन को एक और झटका दे सकता है। आरवीएनएल के एक अधिकारी ने बताया कि ठेके में चीन की कंपनी सिर्फ रॉयल्टी लेने का काम कर रही है। काम पूरा कराने का जिम्मा हैदराबाद की कंपनी के पास है। फिलहाल रेल मंत्रालय से अभी ठेका निरस्त करने के कोई आदेश नहीं आए हैं।