झांसी। पूर्वोत्तर मंडल के रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) ने बुधवार को उरई सेक्शन में बनाए गए नए स्टेशन सरसोकी व आटा से लेकर उसरगांव तक डबल ट्रैक (17.585) का मोटर ट्राली, स्पीड ट्रायल व पैदल निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उनके द्वारा हरी झंडी देते ही इन स्टेशनों के बीच डबल ट्रैक पर ट्रेनें दौड़ना शुरू हो गईं। अभी इस सेक्शन में 90 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गाड़ियां दौड़ाई जाएंगी। अब तक झांसी- कानपुर के बीच 206 में से 87 किलोमीटर तक का डबल ट्रैक खोल दिया गया है।
बुधवार को सीआरएस मोहम्मद लतीफ खान ने ट्राली पर बैठकर सरसोकी से उसरगांव के बीच बिछाई गईं पटरियों की गुणवत्ता को परखा। ऑब्जर्वेशन कार में बैठकर 120 किमी की स्पीड से ट्रायल लिया। इस ट्रायल में पटरियों की तकनीकी खामियों को देखा गया। संतुष्ट होनेे के बाद सीआरएस ने उक्त सेक्शन में गाड़ियां चलाने की अनुमति दे दी। सबसे पहले डाउन ट्रैक की 16093 चेन्नई सेंट्रल लखनऊ एक्सप्रेस और अपट्रैक की 12589 गोरखपुर सिकंदराबाद एक्सप्रेस गुजारी गईं। इसके बाद सवारी गाड़ियों को गुजारा गया। उनके साथ डीआरएम संदीप माथुर, सीनियर डीएसओ विपिन कुमार सिंह आदि अधिकारी मौजूद रहे।
87 किलोमीटर ट्रैक चालू
झांसी-कानपुर डबल ट्रैक पर 206 किलोमीटर तक काम होना है। इसकी जिम्मेदारी रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) को सौंपी गई है। अभी तक 87 किलोमीटर ट्रैक का काम ही पूरा हो सका है। पूर्व मेेें इसमें झांसी- पारीछा के बीच 24 किलोमीटर , पारीछा से नंदखास के बीच 19 और पिरौना- एट व भुआ स्टेशन के बीच 27 किलोमीटर रेल लाइन चालू हो चुकी है।
तेज हो जाएगा ट्रेनों का संचालन
झांसी-कानपुर सिंगल रेलवे ट्रैक पर प्रतिदिन 40 से अधिक अप और डाउन की सवारी ट्रेनों का संचालन होता है। इतनी ही संख्या में मालगाड़ियां भी दौड़ती हैं। एक ट्रेन को क्रॉस कराने में सामने आ रही दूसरी ट्रेन को नजदीक के रेलवे स्टेशन पर रोकना पड़ता है। इसका सीधा असर ट्रेनों के समय पालन पर पड़ता है। सबसे ज्यादा ट्रेनों को झांसी आने के पहले मुस्तरा स्टेशन पर रोका जाता है। यही कारण है कि कानपुर से आने वाली अधिकांश ट्रेनें समय पर झांसी नहीं आ पाती हैं। इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ता है। डबल ट्रैक से अब संबंधित सेक्शन में तेजी से ट्रेनें दौड़ने लगेंगी।