अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। देश के पर्यटन के मानचित्र पर झांसी तेजी से एक बड़े पर्यटक स्थल के रूप में उभरा है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि पिछले साल झांसी आने वाले पर्यटकों की संख्या आगरा से भी अधिक रही थी। खासतौर में सर्दियों में यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ जाती है। पर्यटकों की पहली पसंद वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई की शौर्य गाथा का साक्षी झांसी का ऐतिहासिक किला होता है।
झांसी और आसपास के इलाकों में पर्यटन स्थलों की भरमार है। यहां के ऐतिहासिक स्थल पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर खींचते हैं। जबकि, बांध, झील और उनके आसपास की नैसर्गिक सुंदरता पर्यटकों को आकर्षित करती है। दतिया की पीतांबरा पीठ और ओरछा आने वाले पर्यटक भी झांसी आना नहीं भूलते हैं। यही वजह है कि पिछले साल झांसी में 1.65 करोड़ घरेलू पर्यटक आए थे, जबकि आगरा में झांसी से कम 1.01 करोड़ पर्यटक पहुंचे थे। पर्यटन अधिकारी कीर्ति ने बताया कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शासन-प्रशासन की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। यहां के पर्यटक स्थलों को संवारा जा रहा है। इसके अलावा कई नए पर्यटक स्थल भी विकसित किए जा रहे हैं। इसके अब सकारात्मक परिणाम भी सामने आने लगे हैं।