ट्रेन की चपेट में आकर जान गंवाने वाले प्रेमगंज निवासी कुलदीप बाधवा (52) का उनकी मौत के 24 घंटे बाद भी पुलिस पंचनामा नहीं भर सकी। इससे उनके परिजनों का धैर्य जवाब दे गया और हंगामा शुरू कर दिया।
सीपरी बाजार पुलिस का एक संवेदनहीन चेहरा सामने आया है। ट्रेन की चपेट में आकर जान गंवाने वाले प्रेमगंज निवासी कुलदीप बाधवा (52) का उनकी मौत के 24 घंटे बाद भी पुलिस पंचनामा नहीं भर सकी। इससे उनके परिजनों का धैर्य जवाब दे गया और हंगामा शुरू कर दिया। अफसरों के दखल के बाद किसी तरह पंचनामा भरा जा सका।
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प्रेमगंज निवासी कुलदीप मानसिक तौर पर अस्वस्थ थे। परिजनों का कहना है कि ग्वालियर में उनका उपचार चल रहा था। सोमवार सुबह वह कच्चे पुल पर ट्रेन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के साथ परिजन भी पहुंच गए। उनको नाजुक हाल में मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोमवार दोपहर करीब तीन बजे उनकी मौत हो गई। पुलिस ने परिजनों से मंगलवार को पोस्टमार्टम कराने की बात कही, लेकिन दोपहर करीब साढ़े तीन बजे तक पंचनामा ही नहीं भरा जा सका। इससे परिजन भड़क उठे। सीओ सिटी लक्ष्मीकांत गौतम को सूचना मिलने के बाद सीपरी बाजार पुलिस ने पंचनामा भरा। इसके बाद पोस्टमार्टम हो सका।