झांसी। एक सितंबर से चलने वाली झांसी-इंदौर इंटरसिटी में झांसी से आठ बोगियां ग्वालियर ले जाकर जोड़ने को गलत बताते हुए बुधवार को कांग्रेस नेताओं ने डीआरएम से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि ट्रेन को पूरे तरीके से झांसी से ही संचालित किया जाए।
छह अगस्त को झांसी आए रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने रेलवे स्टेशन के वीआईपी रूम में पत्रकारों के समक्ष घोषणा की थी कि ग्वालियर-इंदौर इंटरसिटी एक्सप्रेस एक सितंबर से झांसी से चलेगी। इसके आठ डिब्बे झांसी से बनकर जाएंगे, जो ग्वालियर पहुंचने पर इंटरसिटी से जोड़ दिए जाएंगे। कांग्रेस ने इंटरसिटी के इस तरह से संचालन पर आपत्ति जताई है। बुधवार को कांग्रेस नेताओं ने पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन के नेतृत्व में डीआरएम एसके अग्रवाल से मुलाकात की। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि झांसी में 26 कोच की वाशिंग पिट अब तैयार है, इसके बाद भी आठ डिब्बे झांसी से चलाकर ग्वालियर में इंटरसिटी से जोड़ने की व्यवस्था कानूनी तौर से गलत है। ग्वालियर में शंटिंग कर डिब्बों को इंटरसिटी करके जोड़ा जाएगा। यात्रियों को बैठाकर किसी ट्रेन की शंटिंग करना गलत है। इस पर डीआरएम ने उनकी मांग को रेलवे बोर्ड भेजने का आश्वासन दिया।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी, शहर अध्यक्ष इम्तियाज हुसैन, अरविंद वशिष्ठ, राजेंद्र रेजा, मनीराम कुशवाहा, सुनील कुशवाहा, सीडी लिटौरिया मौजूद रहे।