अंग्रेजों के जमाने की इमारत में संचालित हो रहा जीआरपी थाना अब नए भवन में पहुंच गया है। बुधवार को राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के महानिदेशक प्रकाश डी ने पांच करोड़ रुपये की लागत से बने तीन मंजिला थाना भवन का लोकार्पण किया। नए भवन में पुलिसकर्मियों के साथ ही फरियादियों की सुविधा के लिए आधुनिक इंतजाम किए गए हैं। इस दौरान महानिदेशक ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा जीआरपी की अहम जिम्मेदारी है। ट्रेनों पर पथराव, यात्रियों के सामान की चोरी और मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरती जाए।
दोपहर करीब एक बजे झांसी पहुंचने पर महानिदेशक का डीआरएम अनिरुद्ध कुमार, जिलाधिकारी गौरांग राठी, एसएसपी विकास कुमार, वरिष्ठ सुरक्षा आयुक्त जितेंद्र शर्मा, एसपी विपुल श्रीवास्तव और सीओ सलीम खान ने स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने नवनिर्मित थाना भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि भवन में उपलब्ध कराई गई सुविधाओं का लाभ थाने आने वाले फरियादियों को मिलना चाहिए। अपराधों के खुलासे में तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल किया जाए।
महानिदेशक ने थाना परिसर में पौधरोपण भी किया। उन्होंने थाना प्रभारी को निर्देश दिए कि पौधरोपण को औपचारिकता तक सीमित न रखा जाए, बल्कि पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित की जाए। इसके बाद उन्होंने झांसी अनुभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अपराध समीक्षा बैठक की। त्योहारी सीजन को देखते हुए उन्होंने ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक, प्रयागराज एन. कोलांची, सहायक सुरक्षा आयुक्त कृष्णानंद तिवारी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
सौ साल पुरानी इमारत में संचालित हो रहा था थाना
जीआरपी थाना अब तक रेलवे स्टेशन के ठीक बगल में स्थित अंग्रेजों के जमाने की इमारत में संचालित हो रहा था। थाना प्रभारी लल्लूराम के मुताबिक, यह इमारत करीब सौ साल पुरानी है। परिसर में हवालात, मुंशीखाना और कई कमरे बने हुए हैं। पुरानी इमारत अब भी मजबूत स्थिति में है।
नए थाने में ये सुविधाएं
सीसीटीवी कैमरे
नवनिर्मित थाना परिसर में 18 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इनके जरिये परिसर की निगरानी की जाएगी।
विवेचना के लिए वातानुकूलित कक्ष : जांच और पूछताछ के लिए वातानुकूलित कक्ष बनाया गया है। इससे विवेचकों को कामकाज में सुविधा मिलेगी।
पिंक रूम : महिला पुलिसकर्मियों और फरियादियों की सुविधा के लिए पिंक रूम बनाया गया है। महिला आरोपियों से पूछताछ के लिए उपलब्ध कराई गई व्यवस्था का विवरण संबंधित अधिकारियों से सत्यापित किया जाना चाहिए।
शक्ति डेस्क : महिलाओं से जुड़े मामलों में सहायता और सुनवाई के लिए विशेष डेस्क बनाई गई है।
साइबर रूम : थाने में साइबर रूम बनाया गया है। इसमें क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) समेत अन्य सुविधाओं के सर्वर स्थापित किए गए हैं।