फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhansi: दादा ने अपने हाथों से घोंट दिया पोता का गला, आठ साल के मासूम के मुंह से खून निकलने तक नहीं छोड़ा

Mon, 06 Oct 2025 08:11 PM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क, झांसी

सार

पुलिस पूछताछ में आरोपी सरमन ने बताया कि पुत्रवधु चंद्र मुखी उसकी पत्नी शांति से आये दिन झगड़ा करती थी। पोता मुकेश उसका सामान उठाकर अपनी मां को देता था। इससे वह नाराज था और उसका गला दबा दिया।
विज्ञापन
पुलिस गिरफ्त में आरोपी सरमन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

झांसी के थाना लहचूरा इलाके से हृदय को झकझोर कर देने वाला मामला सामने आया है। दादा अपने आठ साल के मासूम पोता से इतना नाराज था कि उसका गला घोंट कर हत्या कर दी। मासूम के जब तक प्राण नहीं निकले तब तक बेरहम दादा उसका गला दबाये रहा। वहीं, जिसने भी यह चौंकाने वाली घटना सुनी वह सन्न रह गया। 

विज्ञापन


शव को कमरे में डाल निकल गया बकरी चराने

पुलिस पूछताछ में मासूम मुकेश के दादा सरमन ने बताया कि पुत्रवधु चंद्र मुखी उसकी पत्नी शांति से आये दिन झगड़ा करती थी। नाती उसका सामान उठाकर अपनी मां को देता था। यहीं, नहीं उसके पैसे भी बिना पूछे उठा लेता था इसी बात से वह उससे नाराज था और गुस्से में उसका गला दबा दिया। मुंह से खून निकलने पर उसे भूसा वाले कमरे में डालकर बकरी चराने चला गया। ताकि कोई उस पर शक न करें। 

पीएम रिपोर्ट के बाद हरकत में आई पुलिस

घटना चार अक्टूबर की है। चकारा गांव निवासी राजवेंद्र मुकेश गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ता था। शनिवार को वह स्कूल नहीं गया था। परिवार के लोग बाहर थे। मुकेश घर में अकेला था। दोपहर को उसकी दादी घर लौटकर आईं तब मुकेश नहीं मिला। दादी के मोहल्ले में तलाशने पर भी उसका पता नहीं चला। मां-बाप भी पहुंच गए। काफी देर तलाशने के बावजूद मुकेश का पता नहीं चला। तो इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस के घंटों तलाशने के बाद घर के अंदर बने भूसा घर से मुकेश का शव बरामद हुआ था उस समय आशंका जताई गई कि खेलते समय भूसे के ढेर में दबने से मौत हुई हो। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर कहानी पलट गई। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और फिर पूछताछ में चौकाने वाला राज सामने आया।
विज्ञापन


इकलौता था बेटा

राजवेंद्र के दो बच्चे हैं जिसमें बड़ी पुत्री है, मुकेश इकलौता बेटा था। छोटा बेटा आठ वर्षीय मुकेश गांव के सरकारी स्कूल में कक्षा तीन का छात्र था।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें