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Jhansi: दो शिक्षिकाओं के भरोसे चल रहा राजकीय हाईस्कूल, स्मार्ट क्लास भी बेअसर, 12 गांवों से आते हैं विद्यार्थी

Fri, 04 Sep 2026 01:30 PM IST
दीपक महाजन संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी

सार

विद्यालय की स्थापना के बाद से ही विषय शिक्षकों की कमी बनी हुई है। विद्यालय में केवल सामाजिक विज्ञान एवं हिंदी की ही शिक्षिका हैं। बाकि विषय के शिक्षक नहीं है।
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राजकीय हाईस्कूल करगुवां खुर्द। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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सरकारी स्कूलों में आधुनिक शिक्षा की तस्वीर दिखाने के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। लेकिन राजकीय हाईस्कूल करगुवां खुर्द में इन सुविधाओं का लाभ विद्यार्थियों तक नहीं पहुंच पा रहा है। विद्यालय में पर्याप्त शिक्षक और बुनियादी इंतजाम नहीं हैं।
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यहां 147 विद्यार्थियों की पढ़ाई केवल दो शिक्षिकाओं के भरोसे चल रही है। इनमें एक शिक्षिका हिंदी और दूसरी सामाजिक विज्ञान पढ़ाती हैं। विद्यालय में गणित, विज्ञान, कंप्यूटर और गृह विज्ञान जैसे प्रमुख विषयों के शिक्षक नहीं हैं। विद्यालय की स्थापना के बाद से ही विषय शिक्षकों की कमी बनी हुई है। आसपास के करीब 12 गांवों से विद्यार्थी इस विद्यालय में पढ़ने आते हैं। प्रमुख विषयों के शिक्षक न होने से उन्हें नियमित पढ़ाई का लाभ नहीं मिल पाता। प्रतियोगी परीक्षाओं में महत्वपूर्ण भूमिका वाले विषयों के शिक्षक भी उपलब्ध नहीं हैं। शिक्षकों की कम उपलब्धता से शिक्षा व्यवस्था पर सीधा असर पड़ रहा है। शासन की ओर से विद्यालय में स्मार्ट क्लास समेत अन्य सुविधाएं दी गई हैं। कागज पर यह विद्यालय आधुनिक सुविधाओं से लैस नजर आता है।

इनका यह है कहना
विद्यालय प्रभारी अल्पना देवी ने बताया कि बिजली की व्यवस्था न होने से स्मार्ट क्लास का उपयोग नहीं हो पा रहा। इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों का उपयोग भी बिजली के अभाव में संभव नहीं है। डिजिटल शिक्षा के संसाधन तो हैं, पर उन्हें चलाने के लिए बिजली नहीं है।
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ग्रामीण शिक्षा का केंद्र
करगुवां खुर्द का यह विद्यालय अकेले एक गांव तक सीमित नहीं है। आसपास के करीब 12 गांवों के विद्यार्थी यहां शिक्षा ग्रहण करने आते हैं। यह स्कूल ग्रामीण क्षेत्र के बड़ी संख्या में बच्चों के लिए माध्यमिक शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसके बावजूद स्थापना के वर्षों बाद भी यहां विषयवार शिक्षक नहीं मिल सके हैं। यह स्थिति ग्रामीण माध्यमिक शिक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती है।
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