झांसी। पूरे देश के गांवों में साफ-सफाई परखने के लिए हुए स्वच्छता सर्वेक्षण में झांसी के ऊपरी पायदान में होने के बाद अब इसे नंबर एक बनाने के लिए प्रशासनिक अमला कमर कस रहा है। इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। अबकी बार अव्वल आने के लिए ग्रामीणों को भी अभियान के साथ जोड़ने की रणनीति बनाई जा रही है।
स्वच्छता सर्वेक्षण-2019 में झांसी के गांव पूरे देश में 32वें नंबर पर साफ सुथरे पाए गए जबकि बुंदेलखंड में उसे दूसरा स्थान हासिल हुआ। इन परिणामों से स्वच्छ भारत मिशन अभियान से जुड़े अफसर खासे उत्साहित हैं। परिणाम आने के साथ ही अगले सर्वेक्षण-2020 की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण में नागरिकों के फीडबैक पर सर्वाधिक 35 अंक दिए गए। इस श्रेणी में झांसी को कम अंक हासिल हुए। इस बार आगे निकलने के लिए ग्रामीणों की भागीदारी पर जोर दिया जा रहा। शौचालय की उपलब्धता, उनके उपयोग, सार्वजनिक स्थान पर कूड़ा-करकट के निस्तारण पर भी जोर रहेगा। इसी तरह सर्विस लेवल में जिओ टैगिंग, गांव में सार्वजनिक स्थल एवं स्कूलों की सफाई, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र, हाट बाजार, धार्मिक स्थल की स्वच्छता पर अधिक अंकों को देखते हुए इसके लिए भी रणनीति तय की जा रही है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है अभी स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 की तिथि तय नहीं हुई। उसके मानक भी सामने नहीं आए लेकिन, स्वच्छता को लेकर काम शुरू कर दिया गया है।
स्वच्छता की गाइडलाइन के मुताबिक कार्य कराया जाएगा। गांव ओडीएफ कर दिए गए हैं। ग्रामीणों के बीच स्वच्छता जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।
निखिल टीकाराम फुंडे
मुख्य विकास अधिकारी