झांसी-उरई सिक्सलेन हाईवे पर सफर को रफ्तार देने की तैयारी तेज हो गई है। सिक्सलेन निर्माण की राह में आने वाले चार प्रमुख रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) को भी चौड़ा किया जाएगा। करारी, मुस्तरा, पारीछा और सरसौकी के मौजूदा आरओबी को सिक्सलेन की चौड़ाई के अनुरूप विस्तारित करने की योजना है। इसके लिए रेलवे से भी संपर्क किया गया है। इसके लिए टेंडर मांगे गए हैं, जो 22 अक्तूबर को खोले जाएंगे।
फोर लेन झांसी-कानपुर नेशनल हाईवे (एनएच-27) के सिक्स लेन निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहले चरण में झांसी-उरई सिक्स लेन निर्माण के लिए विभागीय प्रक्रिया शुरू हो गई है। एनएचएआई ने टेंडर मांगे है, जो आगामी 22 अक्तूबर को खोले जाएंगे। झांसी-उरई के बीच सड़क को सिक्सलेन किए जाने के बाद वाहनों का दबाव बढ़ना तय है। ऐसे में पुराने आरओबी की मौजूदा चौड़ाई यातायात के लिहाज से पर्याप्त नहीं होगी। इसी को देखते हुए परियोजना में करीब 135 किलोमीटर हाईवे पर आ रहे चार आरओबी के चौड़ीकरण को शामिल किया गया है। खास बात यह है कि इन स्थानों पर नए आरओबी बनाने के बजाय पहले से बने रेलवे ओवरब्रिज को ही विस्तारित किया जाएगा।
तीन फर्म करेंगी काम
झांसी-उरई हाईवे का काम तीन खंड में बांटकर कराया जा रहा है। जिससे काम तेज गति से समय पर पूर्ण कराया जा सके। एनएचएआई ने 43.95 अरब की लागत से निविदाएं आमंत्रित की है। 22 अक्तूबर को निविदाएं खुलने के बाद चयनित एजेंसी को काम सौंपा जाएगा। निर्माण शुरू होने के बाद चरणबद्ध तरीके से चारों आरओबी को सिक्सलेन के अनुरूप विकसित किया जाएगा।
इनका यह है कहना
चारों स्थानों पर आरओबी पहले से बने होने के कारण रेलवे क्रॉसिंग पर वाहनों की आवाजाही सीधे प्रभावित नहीं होती है। इनके चौड़ीकरण के बाद सिक्सलेन हाईवे पर यातायात क्षमता बढ़ेगी और झांसी-उरई मार्ग पर सफर और सुगम होगा। सिक्सलेन परियोजना के तहत आरओबी का विस्तार सड़क की पूरी चौड़ाई को एकरूप रखने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
-मनोज कुमार, परियोजना निदेशक एनएचएआई झांसी