राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की पुण्य स्मृति में चिरगांव नगर के आरएमएसजी पब्लिक स्कूल में उत्कर्ष महोत्सव-2025 का शुभारंभ शनिवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ किया गया।
राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की पुण्य स्मृति में चिरगांव नगर के आरएमएसजी पब्लिक स्कूल में उत्कर्ष महोत्सव–2025 का शुभारंभ शनिवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना से हुई। जिसके पश्चात अतिथियों का स्वागत वंदन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि शिक्षक विधायक डॉ. बाबूलाल तिवारी रहे। जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में अर्जुन सिंह चांद उपस्थित रहे।
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रानी लक्ष्मीबाई के वेश में छात्राएं
- फोटो : संवाद
स्वागत भाषण देते हुए ईं. सौरभ गुप्त ने कहा कि विद्यालय का कर्तव्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के लिए एक ऐसा सकारात्मक परिवेश तैयार करना भी है, जहां से संस्कार, नैतिकता और उत्कृष्ट व्यक्तित्व का निर्माण हो सके। उन्होंने कहा कि विद्यालय वह पवित्र स्थल है, जहां देवतुल्य गुणों से लेकर समाज को दिशा देने वाली महान विभूतियां गढ़ी जाती हैं।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य स्वतंत्र कुमार सोनी द्वारा लिखित पुस्तक “वसुधैव कुटुम्बकम” का मुख्य अतिथि ने विमोचन किया गया। इस मौके पर डॉ. बाबूलाल तिवारी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि मानवता, समरसता और राष्ट्रभाव का विकास करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के विचारों को अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया।
प्रिसिपल हेजल डिडकस ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा में तत्परता और जुनून की भावना के बिना इच्छा अपना मूल्य खो देती है। इसलिए विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर आगे बढ़ना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में सत्यम गुप्ता ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह में विद्यालय परिवार सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में एमएलसी बाबूलाल तिवारी
- फोटो : संवाद
कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य स्वतंत्र कुमार सोनी द्वारा लिखित पुस्तक “वसुधैव कुटुम्बकम” का मुख्य अतिथि ने विमोचन किया गया। इस मौके पर डॉ. बाबूलाल तिवारी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि मानवता, समरसता और राष्ट्रभाव का विकास करना है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के विचारों को अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया।
प्रिसिपल हेजल डिडकस ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा में तत्परता और जुनून की भावना के बिना इच्छा अपना मूल्य खो देती है। इसलिए विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर आगे बढ़ना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में सत्यम गुप्ता ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह में विद्यालय परिवार सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।