फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

झांसी: त्योहार की भीड़...ट्रेनों में सीट के लिए मारामारी, जनरल के साथ स्लीपर कोच भी रहे ठसाठस

Tue, 21 Oct 2025 08:33 AM IST
दीपक महाजन संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी

सार

ट्रेनों के जनरल कोच में ठसाठस भीड़ होने के कारण यात्रियों ने स्लीपर कोच में कब्जा जमा लिया। इससे कंफर्म टिकट यात्रियों को भारी परेशानी हुई। वहीं, बरौनी मेल की आपातकालीन खिड़की से यात्री कोच में घुसने के लिए मशक्कत करते रहे। 
विज्ञापन
बरौनी मेल में अंदर जाने के लिए संघर्ष करते यात्री - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दीपावली व छठ पर्व को लेकर सोमवार को यात्रियों की भीड़ से प्लेटफार्म खचाखच भरे रहे। प्लेटफार्म पर आने वाली ट्रेनों के जनरल कोच में ठसाठस भीड़ होने के कारण यात्रियों ने स्लीपर कोच में कब्जा जमा लिया। इससे कंफर्म टिकट लेकर स्लीपर कोच में चल रहे यात्रियों को भारी परेशानी हुई। वहीं बरौनी मेल की आपातकालीन खिड़की से यात्री कोच में घुसने के लिए मशक्कत करते रहे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आरपीएफ थाना प्रभारी बिरजेंद्र कुमार अपनी टीम के साथ कोचों में बढ़ने वाली भीड़ को शिफ्ट कराते रहे।
विज्ञापन


रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर दोपहर बरौनी मेल में सफर करने वाले यात्रियों की खासी भीड़ रही। गाड़ी को प्लेटफार्म पर आता देख यात्रियों में कोच के अंदर घुसने की होड़ मच गई। यात्री चलती गाड़ी में घुसने की कोशिश करते देखे गए, जिससे प्लेटफार्म पर उतरने वाले तमाम यात्री भी कोच से नहीं उतर सके। आरपीएफ ने गाड़ी के रुकते ही भारी मशक्कत के बाद यात्रियों को समझा-बुझाकर पहले कोच में चढ़े यात्रियों को प्लेटफार्म पर उतारा, इसके बाद यात्रियों को कोच में चढ़ाने की व्यवस्था पर काम शुरू किया, लेकिन यात्रियों के हुजूम के आगे सुरक्षा प्रशासन के अफसर भी असहाय हो गए। कोच के दरवाजे पर चढ़ने की जगह न मिलने पर आपातकालीन खिड़की का कांच खोलकर यात्री कोच के अंदर घुसने की मशक्कत करते रहे। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था होने की वजह से एसी व आरएमएस कोचों में यात्रियों की भीड़ प्रवेश नहीं कर सकी। वहीं, महज 10 मिनट के अंदर ही पूरे प्लेटफार्म पर मौजूद यात्रियों की भीड़ कोचों में समा गई। हालांकि महोबा, छतरपुर जाने वाले यात्री उदयपुर इंटरसिटी का इंतजार में बैठे रहे।


कंफर्म टिकट के बाद भी सीट को लेकर झंझट

अधिकांश यात्रियों की शिकायत रही कि उनकी स्लीपर कोच में कंफर्म सीट है, लेकिन भीड़ इतनी है कि वह कोच में नहीं चढ़ पाए। किसी प्रकार आरपीएफ ने उन्हें सामान सहित कोच के अंदर प्रवेश कराया तो सीट पहले से ही भरी मिली। सीट खाली कराने को लेकर झंझट हुआ तो फोर्स से शिकायत की, लेकिन यात्रियों की भीड़ के कारण आरपीएफ व जीआरपी भी कोच में नहीं चढ़ सकी। लिहाजा कोच के बाहर से हड़काते रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें