समिति के बाहर मायूस किसान
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केंद्र पर आए किसान सीताराम ने बताया कि उनकी उम्र 80 साल की हो गई है। सुबह 6:00 बजे से खाद की आस में भूखे-प्यासे लाइन में लगे हैं। बताया गया की खाद बांटी जाएगी। लेकिन अब नोटिस लगा दिया गया, जिस पर लिखा है कि भीड़ अधिक है जिस वजह से खाद 18 को बांटेंगे। किसान ने प्रशासन से गुजारिश है कि गांव-गांव में जाकर खाद बांटी जाए जिससे उन लोगों को परेशानी का सामना न पड़े।
सांसद ने चिंता जाहिर करते हुए डीएम को लिखा पत्र
सांसद अनुराग शर्मा ने डीएम को पत्र लिखकर कहा था कि किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इससे किसानों के बीच आक्रोश की स्थिति उत्पन्न हो रही है। उन्होंने किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने की मांग की थी।इस साल अतिवृष्टि के कारण खरीफ की दलहन-तिलहन फसलें जैसे मूंगफली, उड़द, मूंग, सोयाबीन आदि फसलें लगभग 25 फीसदी तक नष्ट हो चुकी हैं। वहीं, धान की बोआई का क्षेत्रफल पिछले साल की तुलना में चार गुना अधिक हो गया है। इसके चलते डीएपी और यूरिया की मांग बढ़ गई है। केंद्र सरकार की ओर से राज्य में खरीफ-2025 और रबी सीजन के लिए उर्वरकों की उपलब्धता सामान्य बताई गई है मगर सहकारी समितियों के जरिये किसानों तक वितरण की प्रक्रिया कर्मचारियों की कमी और सीमित संसाधनों की वजह से प्रभावित हो रही है। सासंद ने डीएम का लिखा था कि समस्याओं का त्वरित निदान कराते हुए छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता पर उर्वरक उपलब्ध कराएं और पूरी व्यवस्था का पर्यवेक्षण खुद करें।
सुनिये खाद लेने आये किसानों की पीड़ा...