फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सहकारी समिति ने चस्पा किया नोटिस: खाद के लिए घंटो खड़े रहे किसानों का छलका दर्द, सांसद के पत्र का नहीं हुआ असर

Tue, 16 Sep 2025 01:14 PM IST
दीपक महाजन संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी

सार

सासंद अनुराग शर्मा ने एक दिन पहले डीएम को पत्र लिखा था कि समस्याओं का त्वरित निदान कराते हुए छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता पर उर्वरक उपलब्ध कराएं और पूरी व्यवस्था का पर्यवेक्षण खुद करें।
विज्ञापन
गुरसरांय नारायणपुरा साधन सहकारी समिति के बाहर लगा नोटिस - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सुबह से लाइन में लगे भारी संख्या में किसान बिना खाद के मायूस होकर वापस लौट गए। कर्मचारियों ने समिति के बाहर नोटिस चस्पा कर दिया। जिस पर लिखा है भीड़ अधिक होने के कारण आज खाद का वितरण नहीं होगा। परसों 18 सितंबर को खाद बांटी जाएगी। अब ऐसे में किसानों का सवाल है कि यदि 18 को भी भीड़ हुई तो उनको खाद मिल पाएगी या नहीं। एक दिन पहले ही सांसद अनुराग शर्मा ने खाद उपलब्ध कराने को लेकर जिला अधिकारी को पत्र लिखा था। इसके बाद भी खाद वितरण का यह आलम है।

विज्ञापन


गुरसरांय नारायणपुरा साधन सहकारी समिति पर सुबह से ही किसानों की भीड़ जुटनी शुरु हो गई। खाद लेने के लिए महिलाएं भी बड़ी संख्या में मौजूद रही। भीड़ देखकर सहकारी समिति कर्मचारी ने बाहर भीड़ का हवाला देते हुए नोटिस लगा दिया। नोटिस देख किसानों के चेहरा पर मायूसी छा गई। सुबह से धूप और गर्मी झेल रहे किसान निराश होकर प्रशासन को कोसते नजर आए।


 

विज्ञापन

समिति के बाहर मायूस किसान - फोटो : संवाद
केंद्र पर आए किसान सीताराम ने बताया कि उनकी उम्र 80 साल की हो गई है। सुबह 6:00 बजे से खाद की आस में भूखे-प्यासे लाइन में लगे हैं। बताया गया की खाद बांटी जाएगी। लेकिन अब नोटिस लगा दिया गया, जिस पर लिखा है कि भीड़ अधिक है जिस वजह से खाद 18 को बांटेंगे। किसान ने प्रशासन से गुजारिश है कि गांव-गांव में जाकर खाद बांटी जाए जिससे उन लोगों को परेशानी का सामना न पड़े।

सांसद ने चिंता जाहिर करते हुए डीएम को लिखा पत्र

सांसद अनुराग शर्मा ने डीएम को पत्र लिखकर कहा था कि किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इससे किसानों के बीच आक्रोश की स्थिति उत्पन्न हो रही है। उन्होंने किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने की मांग की थी।इस साल अतिवृष्टि के कारण खरीफ की दलहन-तिलहन फसलें जैसे मूंगफली, उड़द, मूंग, सोयाबीन आदि फसलें लगभग 25 फीसदी तक नष्ट हो चुकी हैं। वहीं, धान की बोआई का क्षेत्रफल पिछले साल की तुलना में चार गुना अधिक हो गया है। इसके चलते डीएपी और यूरिया की मांग बढ़ गई है। केंद्र सरकार की ओर से राज्य में खरीफ-2025 और रबी सीजन के लिए उर्वरकों की उपलब्धता सामान्य बताई गई है मगर सहकारी समितियों के जरिये किसानों तक वितरण की प्रक्रिया कर्मचारियों की कमी और सीमित संसाधनों की वजह से प्रभावित हो रही है। सासंद ने डीएम का लिखा था कि समस्याओं का त्वरित निदान कराते हुए छोटे और सीमांत किसानों को प्राथमिकता पर उर्वरक उपलब्ध कराएं और पूरी व्यवस्था का पर्यवेक्षण खुद करें।

सुनिये खाद लेने आये किसानों की पीड़ा...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें