कोछाभांवर में रोडवेज का नया बस स्टैंड बनाया जाना है। इसके लिए 11 जून को नगर निगम की ओर से जमीन भी दे दी गई है। बावजूद इसके निर्माण फाइलों से बाहर नहीं आ सका है।
रोडवेज बसों के संचालन के लिए निजी बस अड्डे के सामने परिवहन निगम का बस अड्डा है। यह बस अड्डा नगर निगम की भूमि पर है, ऐसे में नगर निगम रोडवेज से 25 रुपये प्रति बस के हिसाब से स्टैंड का किराया वसूलता है। परिवहन विभाग हर माह छह से सात लाख रुपये स्टैंड का किराया देता है। अत्यधिक किराया और शहर के बीचोंबीच बस अड्डा होने से समस्याएं थीं। ऐसे में परिवहन निगम शहर से दूर बस अड्डे के निर्माण के लिए प्रयासरत था और इसके लिए भूमि की खोज गत 10 साल से जारी थी।
11 जून को नगर निगम ने परिवहन निगम को जमीन भी मुहैया करा दी। लेकिन, पांच माह बाद भी रोडवेज बस अड्डे का निर्माण फाइलों से बाहर नहीं आ सका है। जिम्मेदारों के मुताबिक पूर्व में गए प्रस्ताव को रद्द कर दिया गया है, अब नया प्रस्ताव भेजा गया है। टेंडर प्रक्रिया कराकर एजेंसी नामित होगी। इसके बाद निर्माण कराया जाएगा।
पीपीपी मॉडल पर बनेगा अत्याधुनिक बस अड्डा
कोछाभांवर में प्रस्तावित बस अड्डा पीपीपी मॉडल पर बनना है। यह बेहद अत्याधुनिक होगा। यहां नीचे बसों का संचालन होगा और ऊपर यात्रियों की सहूलियत के लिए रेस्टोरेंट, ढाबा, होटल, फास्ट फूड कॉर्नर, लॉज आदि होगा। किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो, इसकी निगरानी के लिए रोडवेज अधिकारियों के ऑफिस भी बनेंगे। यात्रियों की सहूलियत के लिए खान-पान और ठहरने की समुचित व्यवस्था की जाएगी।
जल्द बने बस स्टैंड तो मिले राहत
प्राइवेट और सरकारी बस स्टैंड एक ही जगह पर होने से बसों के साथ अन्य वाहनों का जमावड़ा रहता है। इससे अक्सर जाम की समस्या रहती है। मेडिकल कॉलेज की ओर जाने वाले रोड पर काफी बुरा हाल रहता है। बसों को सड़कों के किनारे खड़ा किया जाता है। बस अड्डे के निर्माण के बाद जाम की समस्या से भी निजात मिलेगी।
झांसी उ.प्र. परिवहन निगम के आईटी महाप्रबंधक यजुवेंद्र कुमार ने बताया कि कोछाभांवर में बस अड्डे के निर्माण का जो प्रस्ताव था उसे रद्द कर दूसरा तैयार कर भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद टेंडर कराया जाएगा। इसके बाद निर्माण शुरू कराया जाएगा।