मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने माना कि उपभोक्ता को गुमराह किया गया है और उसे आर्थिक नुकसान भी हुआ है। अदालत ने कंपनी को कार की पूरी कीमत लौटाने के साथ मानसिक व आर्थिक क्षति के लिए 15,000 रुपये का हर्जाना भी देने का आदेश दिया है।
उपभोक्ता फोरम ने वाहन कंपनी को आदेश दिया है कि वह खरीदार को ई-कार की कीमत वापस करे। शिकायतकर्ता ने फोरम में वाद दायर कर आरोप लगाया था कि दावे के अनुरूप ई-कार अपेक्षित दूरी तय नहीं कर पा रही थी। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने माना कि उपभोक्ता को गुमराह किया गया है और उसे आर्थिक नुकसान भी हुआ है। अदालत ने कंपनी को कार की पूरी कीमत लौटाने के साथ मानसिक व आर्थिक क्षति के लिए 15,000 रुपये का हर्जाना भी देने का आदेश दिया है।
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29 मार्च 2023 को खरीदी थी कार
उन्नाव बालाजी रोड स्थित शिव परिवार कॉलोनी के हाल निवासी कमल सिंह ने बताया कि वह मूल रूप से ललितपुर के रहने वाले हैं। उन्होंने 29 मार्च 2023 को एक शोरूम से टाटा नेक्सॉन ईवी मैक्स कार 18,40,000 रुपये में खरीदी थी। उस वक्त वाहन बीमा शुल्क 50,666 रुपये और पंजीकरण शुल्क के रूप में 40,334 रुपये लिए गए थे। कंपनी ने एक बार पूरा चार्ज होने पर 453 किलोमीटर चलने का दावा किया था लेकिन उनकी कार सिर्फ 250 किलोमीटर तक ही चल रही थी। इसकी शिकायत उन्होंने कंपनी में की लेकिन कोई सुनवाई नहीं होने पर उसी साल अप्रैल के दूसरे सप्ताह में उन्होंने कार कंपनी को वापस कर दी। वाहन जमा करने के बाद भी उन्हें कोई प्रपत्र नहीं दिया गया।
280 किलोमीटर ही चल सकी
शोरूम संचालक ने जांच के लिए कार को हाईवे पर भेजा। वहां 50-60 किलोमीटर की गति से कार सिर्फ 280 किलोमीटर ही चल सकी। इसके बाद उन्होंने उपभोक्ता न्यायालय में 14 सितंबर 2023 को वाद दायर किया। इस मामले में सुनवाई के बाद उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष अमर पाल सिंह ने कंपनी के प्रबंधक को 17,49,000 रुपये सात प्रतिशत की दर से ब्याज के साथ लाैटाने का आदेश दिया। ब्याज देने की अवधि 14 सितंबर 2023 से 25 अक्तूबर 2025 तक तय की गई। इसके अलावा फोरम ने 10,000 रुपये मानसिक कष्ट और 5,000 रुपये परिवाद खर्च के लिए हर्जाना लगाया।