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Jhansi: 80 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली धूल भरी आंधी, गिरे पेड़ और टूटे तार, आज ओलावृष्टि के आसार

Wed, 08 Apr 2026 06:32 AM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क

सार

60 से 80 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से धूल भरी आंधी चली। इससे चारों तरफ धूल का गुबार छा गया। मौसम विभाग ने आज भी बारिश और ओलावृष्टि के आसार जताए हैं।
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तेज हवा के साथ अचानक मौसम में बदलाव। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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पश्चिमी विक्षोभ के चलते मंगलवार को झांसी का मौसम एकदम से बदल गया। 60 से 80 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से धूल भरी आंधी चली। इससे चारों तरफ धूल का गुबार छा गया। कई जगहों पर पेड़ गिर पड़े तो कहीं बिजली के तार भी टूट गए। हल्की बारिश भी हुई। मौसम विभाग ने आज भी बारिश और ओलावृष्टि के आसार जताए हैं।
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मंगलवार को सुबह आसमान साफ रहने से धूप खिली हुई थी। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, वैसे-वैसे धूप भी चटक होती गई लेकिन दोपहर दो बजे के आसपास आसमान में काले बादल छाने शुरू हो गए। तीन बजते-बजते तेज हवाएं चलने लगीं। कुछ ही देर में धूल भरी आंधी चलनी शुरू हो गई। धूल से बचने के लिए लोग घरों के अंदर चले गए। सड़कों पर मौजूद लोग भी धूल से बचते नजर आए। करीब 20 मिनट तक आंधी चलने के बाद थम गई और फिर रिमझिम बारिश शुरू हो गई। वहीं आंधी के चलते एसपीआई तिराहा, राजकीय संग्रहालय समेत कई जगहों पर पेड़ टूटकर गिए गए। ग्रामीण इलाकों में भी कई जगहों पर पेड़ गिरने और बिजली के तार टूटने के मामले सामने आए। हालांकि, बारिश थमने के बाद वातावरण में ठंडक घुल गई। लेकिन शाम पांच बजे के बाद कुछ देर के लिए हल्की धूप भी निकल आई।

पश्चिमी विक्षोभ का असर नौ तक दिखेगा
कृषि विज्ञान केंद्र भरारी के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आदित्य कुमार सिंह ने बताया कि राजस्थान की ओर से सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ की दस्तक मंगलवार को झांसी में हुई। 60 से 80 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से आंधी चली। बुधवार को भी बारिश के आसार हैं। दिनभर में लगभग 10 मिलीमीटर पानी गिर सकता है। कहीं-कहीं ओलावृष्टि होने की भी आशंका है। पश्चिमी विक्षोभ का असर नौ अप्रैल तक देखने को मिल सकता है।
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तेज हवा से फसलों को नुकसान की आशंका
तेज हवा चलने से गेहूं समेत अन्य फसलों को नुकसान की आशंका है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि किसान कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थान पर रख लें वरना बारिश होने पर नुकसान हो सकता है।
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आंधी का वीडियो...
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