बबीना के खैलार गांव में सोमवार दोपहर श्मशान घाट के पास बने अमृत सरोवर के किनारे हो रहे जुए को पकड़ने पहुंची पुलिस को देख जुआ खेल रहे खैलार निवासी कारोबारी रविंद्र जोशी (42) ने तालाब में छलांग लगा दी।
खुद को घिरता देखकर गोताखोरों के साथ ही भारी संख्या में पुलिस बल बुला लिया गया। देर रात तक कारोबारी की तलाश की गई। उधर, गुस्साए लोगों ने मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। हंगामा बढ़ने पर एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह व सीओ सिटी से नोकझोक हुई। शाम करीब 8 बजे अफसरों के दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का आश्वासन देने के बाद लोगों ने चक्का जाम खत्म कर दिया। मौके पर पहुंचे पूर्व मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने भी लोगों से घटना के बारे में जानकारी ली।
तालाब से बरामद हुआ मोबाइल फोन एवं चप्पल
गोताखोरों ने तालाब के अंदर से कारोबारी का मोबाइल एवं चप्पल बरामद की। परिजनों ने यह दोनों वस्तुओं के रविंद्र के होने की शिनाख्त की, लेकिन तालाब में कई घंटे तक तलाशने के बावजूद कारोबारी का कुछ पता नहीं चल सका। पुलिस ने आसपास भी तलाशी अभियान चलाया लेकिन, कहीं भी उसका सुराग नहीं मिला। पुलिस उसे रिश्तेदारी में भी तलाश रही है।
चौकी इंचार्ज समेत तीन लाइन हाजिर
एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति ने लापरवाही बरतने के आरोप में भेल चौकी प्रभारी नीतिश राणा समेत दो सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया। एसएसपी ने तीनों के खिलाफ जांच के भी आदेश दिए हैं। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि आसपास के जुआरी अक्सर अमृत तालाब के पास ही फड़ लगाते हैं। शिकायत मिलने पर पुलिस टीम दोपहर करीब 3 बजे वहां पहुंची थी। उस समय वहां 15-16 जुआरी मौजूद थे। पुलिस को देख उनमें भगदड़ मच गई। कारोबारी रविंद्र वजन अधिक होने से भाग नहीं सके। पुलिस से बचने के लिए तालाब में छलांग लगा दी। हादसे की सूचना पर उसकी पत्नी दीपा रोते-बिलखते पहुंच गई। उनकी दोनों पुत्रियां भी पिता को तलाशने की गुहार लगाती रही।