वाणिज्य कर विभाग, परिवहन विभाग एवं स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग की ओर से मासिक लक्ष्य के सापेक्ष वसूली कम होने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने ज्वांइट कमिश्नर को 15 हजार फर्मों के मात्र 23 करोड़ रुपये की वसूली होने पर फटकार लगाई।
डीएम मृदुल चौधरी ने बुधवार को कर-करेत्तर एवं विविध देय सहित प्रवर्तन कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक की। कॉर्पोरेट क्षेत्र में कम वसूली पर असंतोष जताते हुए सुधार लाने और वाणिज्य कर विभाग की ओर से सितंबर के लक्ष्य 119.90 करोड़ के सापेक्ष 65.90 करोड़ की वसूली पर नाराजगी जताई।
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डीएम ने अधिशासी अधिकारियों को रात में सड़कों पर घूम रहे छुट्टा गोवंश को पकड़कर गो-आश्रय केंद्र में संरक्षित करने के निर्देश दिए। कहा कि विविध देय वसूली बढ़ाने के लिए एसडीएम रोस्टर बनाकर नायब तहसीलदार/अमीन को सुबह-सुबह रवाना कराएं। बैठक में डीएम ने आय बढ़ाने के लिए निकायों से इनोवेटिव आइडियाज अपनाने के निर्देश दिए। कहा, अपने क्षेत्र में बारात घर का निर्माण कर आय निश्चित करें। संपत्तियों पर टैक्स लागू कराएं, जिससे आय बढ़ सके। वाणिज्य कर विभाग, परिवहन विभाग एवं स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग की ओर से मासिक लक्ष्य के सापेक्ष वसूली कम होने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने ज्वांइट कमिश्नर को 15 हजार फर्मों के मात्र 23 करोड़ रुपये की वसूली होने पर फटकार लगाई।
वाणिज्य कर विभाग की ओर से सितंबर में लक्ष्य के सापेक्ष 54 करोड़ की कम वसूली पर एडिशनल कमिशनर स्तर पर जीएसटी चोरी रोकने के प्रयासों में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम वित्त एवं राजस्व वरुण कुमार पांडेय आदि रहे।