फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhansi: छापेमारी में नारकोटिक्स और एच-वन दवाओं का नहीं मिला ब्योरा, जांच के आदेश, कफ सिरप के लिये 13 सैंपल

Wed, 08 Oct 2025 09:16 AM IST
दीपक महाजन अमर उजाला नेटवर्क, झांसी

सार

असिस्टेंट कमिश्नर ड्रग ने नोटिस देने के साथ एक अप्रैल से सात अक्तूबर तक का रिकाॅर्ड तलब कर जांच के आदेश दिए।
विज्ञापन
असिस्टेंट कमिश्नर ड्रग टीम के साथ जिला अस्पताल में - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रतिबंधित कफ सिरप की तलाश में असिस्टेंट कमिश्नर ड्रग ने मंगलवार को छापे मारे। जिला अस्पताल के स्टोर व सात दुकानों से कफ सिरप के 13 सैंपल लिए। दो दुकानों पर नारकोटिक्स दवाओं का ब्योरा एवं शेड्यूल एच-वन दवा का रजिस्टर नहीं मिला। असिस्टेंट कमिश्नर ने नोटिस देने के साथ जांच के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन


मध्यप्रदेश में कफ सिरप पीने से कई बच्चों के गुर्दे (किडनी) खराब हो गए हैं। कुछ बच्चों की मौत भी हो चुकी है। जिस सिरप के पीने से ऐसे हालात पैदा हुए, उसमें डायथिलीन ग्लाइकॉल 48.6 फीसदी था, जबकि .01 फीसदी से ज्यादा डायथिलीन ग्लाइकॉल नहीं होना चाहिए। शासन के आदेश पर कफ सिरप को लेकर मंडल में अलर्ट जारी किया गया है। सरकारी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज और दवा विक्रेताओं के यहां छापे डाल जांच के आदेश दिए हैं। मंगलवार को असिस्टेंट कमिश्नर ड्रग दीपक शर्मा ने ललितपुर के ड्रग इंस्पेक्टर विनय मिश्रा और जालौन की ड्रग इंस्पेक्टर देवयानी दुबे के साथ जिला अस्पताल के केंद्रीय दवाघर में छापा मारा। टीम ने रोगियों को दिए जाने वाले तीन कफ सिरप के सैंपल जांच के लिए सील किए। इसके बाद मिनर्वा चौराहा स्थित श्रीराम फार्मेसी से दो, न्यू वैराइटी मेडिकोज से तीन सिरप के सैंपल लिए। यहां से टीम सीधे मेडिकल कॉलेज के गेट नं. तीन के सामने न्यू कनकने मेडिकल स्टोर पहुंची, जहां दो कफ सिरप के सैंपल लिए। इसके बाद स्टोर से बेची जा रही नारकोटिक्स दवाओं का विवरण मांगा, जो दुकानदार नहीं दिखा सके। शेड्यूल एच-वन की दवाओं का रजिस्टर भी नहीं मिला।

असिस्टेंट कमिश्नर ड्रग ने नोटिस देने के साथ एक अप्रैल से सात अक्तूबर तक का रिकाॅर्ड तलब कर जांच के आदेश दिए। यहां से टीम न्यू कनकने के नाम से खुली दूसरी दुकान पर पहुंची, जहां से कफ सिरप के दो सैंपल लिए। नारकोटिक्स व शेड्यूल एच-वन की दवाओं के बाबत कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। रिकॉर्ड की जांच के आदेश दिए। टीम ने रुद्रा मेडिकल नाम की दो दुकानों से भी सैंपल लिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें