बारिश के बाद बढ़ा खतरा
भाजपा नेता राजेश पाल समेत अन्य क्षेत्रवासियों ने बताया कि विद्यालय भवन पहले से ही जर्जर है। मंगलवार को हुई बारिश के बाद छत में नमी आ गई थी, जिसके चलते प्लास्टर गिरने की आशंका बढ़ गई थी। ग्रामीणों ने बताया कि भवन की मरम्मत के लिए कई बार अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
डरे विद्यार्थी, बाहर बैठकर हुई पढ़ाई
हादसे के बाद विद्यालय के शिक्षक और विद्यार्थी सहम गए। सुरक्षा को देखते हुए 15 बच्चों को कक्षाओं से बाहर बैठाकर पढ़ाई कराई गई। स्कूल इंचार्ज पुनीता सिंह ने बताया कि विद्यालय में कुल 20 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। जर्जर भवन में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।
45 विद्यालयों में मरम्मत की दरकार
जनपद में 45 विद्यालय ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जहां भवन या रसोई जर्जर स्थिति में हैं। बारिश के मौसम में इन भवनों में हादसे का खतरा बढ़ गया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने ऐसे विद्यालयों में सुरक्षा के लिए जर्जर हिस्सों पर प्रवेश निषेध के बोर्ड लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मरम्मत और नवनिर्माण के लिए शासन से बजट की मांग की गई है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
मामले की जांच के लिए टीम भेजी जाएगी। जांच में जहां भी भवन संबंधी समस्या सामने आएगी, उसे दुरुस्त कराया जाएगा। -
जितेंद्र कुमार गौड़, बीएसए
घटना के बारे में जानकारी देती घायल महिला रति...