सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ. सुजीत सिंह ने बताया कि दो पहिया वाहन का व्यावसायिक में पंजीयन का नियम हैं। विभिन्न कंपनियों को निर्देश देकर वाहनों का व्यावसायिक पंजीयन कराया जाएगा। न कराने पर कार्रवाई की जाएगी।
व्यावसायिक कार्य में उपयोग होने वाली बाइक को अब परिवहन विभाग से परमिट लेना होगा। इसके लिए विभाग विभिन्न कंपनियों में व्यावसायिक उपयोग के लिए संचालित होने वाले दो पहिया वाहनों को जल्द ही चिह्नित करेगा। उनका कॉमर्शियल पंजीयन कराते हुए परमिट जारी करेगा। वाहन मालिकों से हर साल 2350 रुपये टैक्स भी वसूला जाएगा।
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परिवहन विभाग में दोपहिया, ई-रिक्शा, कैब, ऑटो, एंबुलेंस, अग्निशमन वाहन, कृषि संबंधित वाहन, डंपर, ट्रक, ट्रैक्टर समेत 17 श्रेणी के वाहनों के व्यावसायिक पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। अधिकतर कारोबारी अपने दो पहिया वाहनों को निजी वाहन के रूप में पंजीकृत कराकर चलाते हैं। घर-घर तक कुरियर पहुंचाने या जोमैटो, स्वीगी जैसी अन्य कंपनियों से जुड़े डिलीवरी बॉय भी निजी वाहनों का उपयोग कर रहे हैं। अब ऐसा नहीं चलेगा। परिवहन विभाग अब इस पर सख्ती कर रहा है। परिवहन आयुक्त के निर्देश पर व्यवसाय में उपयोग होने वाले वाहनों का पंजीयन व्यावसायिक कराना होगा। साथ ही परमिट भी लेना होगा। बाइक की नंबर प्लेट भी पीली करानी होगी।
इस तरह होगा पंजीयन
व्यावसायिक वाहन के पंजीकरण के लिए परिवहन विभाग में आवेदन करना होगा। इसकी फीस 300 रुपये, परमिट के 700, कोर्ट फीस 100, आवेदन के 500 समेत 1250 रुपये देने होंगे। वार्षिक टैक्स के रूप में प्रति वर्ष 2350 रुपये जमा करने होंगे। फिटनेस के लिए अलग से 230 रुपये वार्षिक और प्रति सीट के आधार पर कर का निर्धारण होगा।
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झांसी सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) डॉ. सुजीत सिंह ने बताया कि दो पहिया वाहन का व्यावसायिक में पंजीयन का नियम हैं लेकिन कोई कराता नहीं है। इसके लिए विभिन्न कंपनियों को निर्देश देकर वाहनों का व्यावसायिक पंजीयन कराया जाएगा। न कराने पर व्यावसायिक कार्य में दो पहिया वाहन चलते मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।