स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में झांसी को 17वां स्थान मिला है। जबकि, प्रदेश में छठवीं रैंक मिली है। जबकि, पिछले साल झांसी नगर निगम को देश में 96वीं और उत्तर प्रदेश में 14वीं रैंक मिली थी।
केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए मई 2025 से स्थलीय सर्वे शुरू कराया था। मूल्यांकनकर्ताओं ने कई संकेतकों में स्वच्छता को लेकर किए गए शहरों के कामकाज का अध्ययन किया। इसके बाद अपनी रिपोर्ट सौंपी। बृहस्पतिवार को रैंकिंग जारी कर दी गई।
ऑल इंडिया रैंकिंग में झांसी को 17वीं रैंक हासिल हुई है। प्रदेश स्तर पर झांसी की छठवीं रैंक आई है। सर्वेक्षण के दौरान झांसी को 12500 अंकों में 10159 अंक प्राप्त हुए हैं। नगर आयुक्त सत्य प्रकाश ने बताया कि तीन से 10 लाख की श्रेणी में नगर निगम को ये स्थान प्राप्त हुआ है। पिछली बार से रैंकिंग में काफी सुधार हुआ है।
इंदौर के सिर पर फिर सजा स्वच्छता का ताज
वार्षिक स्वच्छता सर्वेक्षण में इंदौर को लगातार आठवीं बार भारत के सबसे स्वच्छ शहर का खिताब मिला है। मध्य प्रदेश का इंदौर लगातार सात बार देश के सबसे स्वच्छ शहर बनने का खिताब हासिल कर चुका है। सुपर लीग में सिर्फ उन्हीं 23 शहरों को शामिल किया गया, जो अब तक हुए सर्वेक्षणों में पहले, दूसरे या तीसरे स्थान पर रहे हैं।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 पुरस्कार दिए
सर्वेक्षण के नतीजे गुरुवार को घोषित किए गए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय राजधानी स्थित विज्ञान भवन में आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय (एमओएचयूए) की ओर से आयोजित एक समारोह में स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 पुरस्कार प्रदान किए। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल और अन्य लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
हजारों शहरों को कवर किया गया
सरकार के मुताबिक, 'स्वच्छ सर्वेक्षण' मिशन का मकसद बड़े पैमाने पर नागरिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना है। इसके साथ ही इससे समाज के सभी वर्गों के बीच कस्बों और शहरों को रहने के लिए बेहतर स्थान बनाने के लिए मिलकर काम करने के लिए जागरूक करने का प्रयास किया जाता है। नौवें वर्ष में प्रवेश करते हुए स्वच्छ सर्वेक्षण ने स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन और सेवा वितरण का मूल्यांकन किया। इसमें 10 मापदंडों और 54 संकेतकों का इस्तेमाल करते हुए 4,500 से अधिक शहरों को कवर किया गया।