झांसी रेल मंडल के विभिन्न रेल खंडों में रेलवे ट्रैक के दोहरीकरण एवं तिहरीकरण का काम पूरा होने से ट्रेनों की औसत रफ्तार बढ़कर करीब 120 किलोमीटर तक हो गई है। रेल अफसरों का कहना है कि आने वाले समय में यह रफ्तार बढ़ाकर 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक की जानी है।
मिशन रफ्तार के तहत सवारी गाड़ियों की रफ्तार बढ़ाने में रेल महकमा जुटा है। अगले कुछ वर्षों के भीतर सवारी गाड़ियों के लिए 160 किलोमीटर प्रति घंटे का लक्ष्य तय किया गया है। गाड़ियों की रफ्तार बढ़ाने के लिए झांसी-कानपुर के बीच दोहरीकरण (206 किलोमीटर), झांसी से मथुरा के बीच तिहरीकरण (273 किलोमीटर) एवं झांसी से मानिकपुर एवं खैरार से भीमसेन के बीच (310 किलोमीटर) के बीच दोहरीकरण का काम चल रहा है।
धौलपुर से झांसी- बीना के बीच चौथी लाइन (321.80 किलोमीटर ) भी जल्द बिछाई जानी शुरू होगी। इन कार्यों में झांसी से कानपुर के बीच करीब नब्बे फीसदी काम पूरा हो चुका जबकि आगरा से बीना के बीच तिहरीकरण का काम कई सेक्शन में पूरा हो चुका। यह कार्य पूरा हो जाने से सवारी गाड़ियों की औसत रफ्तार में इजाफा हुआ है। रेल अफसरों का कहना है कि इन कार्यों के होने से सवारी गाड़ियों की औसत रफ्तार 80-90 किलोमीटर से बढ़कर कई सेक्शन में 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई है।
वहीं, जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह का कहना है कि रेलवे का मुख्य फोकस संरक्षा के साथ रेल संचालन करने पर है। ट्रैक विस्तारित होने से गाड़ियों का संचालन सुगम होता है। इससे निश्चित तौर पर गति में सुधार होता है।