फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhansi: 19 मार्च से चैत्र की नवरात्र और विक्रम संवत 2083 होगा शुरू, नवसंवत्सर के राजा होंगे गुरु

Sun, 08 Mar 2026 06:32 AM IST
दीपक महाजन संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी

सार

महंत मार्तंड स्वामी के अनुसार इस बार मां भगवती पालकी पर विराजमान होकर आएंगी। माता का दरबार नौ दिन सजेगा। प्रतिपदा पर सर्वार्थ सिद्धि योग एवं उत्तराभाद्रपद नक्षत्र रहेगा।
विज्ञापन
चैत्र नवरात्रि 2026 - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चैत्र नवरात्र बृहस्पतिवार 19 मार्च से शुरू हो रहा है। मां आदिशक्ति पालकी पर विराजमान होकर आएंगी। भक्तों का कल्याण करेंगी। विक्रम संवत 2083 भी शुरू हो जाएगा। नवसंवत्सर के राजा गुरु और मंत्री मंगल होंगे।
विज्ञापन



चैत्र शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से चैत्र नवरात्र एवं नवसंवत्सर प्रारंभ होता है। श्रद्धालु मां आदिशक्ति की पूजा आराधना करते हैं। देवी मंदिरों एवं आश्रमों में धार्मिक अनुष्ठान होते हैं। महंत मार्तंड स्वामी के अनुसार इस बार मां भगवती पालकी पर विराजमान होकर आएंगी। माता का दरबार नौ दिन सजेगा। प्रतिपदा पर सर्वार्थ सिद्धि योग एवं उत्तराभाद्रपद नक्षत्र रहेगा। गणगौर तीज 21 मार्च को एवं रामनवमी 27 मार्च को मनाई जाएगी। उनके अनुसार सनातन धर्म में शारदीय नवरात्र की तरह चैत्र नवरात्र का विशेष महत्व है। भक्ति भाव से मां आदिशक्ति की पूजा आराधना करने से व्यापार में प्रगति एवं जीवन में सुख-समृद्धि रहती है। इधर आचार्य सुबोध शास्त्री के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से विक्रम संवत 2083 शुरू हो जाएगा। नए साल के राजा गुरु और मंत्री मंगल होंगे।



मंदिरों में तैयारियां शुरू
चैत्र नवरात्र पर महानगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के देवी मंदिरों तथा आश्रमों में विशेष धार्मिक अनुष्ठान होंगे, जिसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं। कैमासन माता मंदिर, पंचकुइया मंदिर, महाकाली मंदिर, महालक्ष्मी मंदिर, लहर की देवी मंदिर, मां अन्नपूर्णा मंदिर सहित सभी मंदिरों में ब्रह्म मुहूर्त से लेकर देर रात्रि तक भजन-कीर्तन होंगे। श्रद्धालु मां जगदंबा के दर्शन के लिए उमड़ेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन



 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें