झांसी। झांसी और ललितपुर के ऐतिहासिक और पौराणिक स्थलों को यूपी टूरिज्म डिपार्टमेंट की वेबसाइट (www.uptourism.gov.in) पर अपलोड किया जा रहा है, ताकि पर्यटकों का ध्यान इनकी ओर खींचा जा सके। अक्तूबर तक काम पूरा हो जाएगा।
झांसी और ललितपुर में पर्यटक स्थलों की भरमार है। इसके बावजूद पर्यटकों का टोटा बना रहता है। इसकी सबसे बड़ी वजह देश - विदेश के पर्यटकों को यहां के स्थलों की जानकारी न होना है। पर्यटन विभाग ने इस कमी को पूरा करने की तैयारी कर ली है। दोनों जिलों के पर्यटक स्थलों का फोटो समेत ब्योरा यूपी टूरिज्म की वेबसाइट पर लोड किया जा रहा है। विभाग ने दोनों जिलों के ऐसे दो दर्जन स्थान चिह्नित किए हैं। इनकी फोटो व अन्य विवरण पर्यटन मुख्यालय भेज दिया गया है।
रास्ता भी बताएगी वेबसाइट
वेबसाइट पर पर्यटक स्थलों फोटो के अलावा उनकी खूबियां भी दर्शाई जाएंगी। रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड से उनकी दूरी के साथ पहुंचने का रास्ता भी बताया जाएगा। होटलों और ठहरने के अन्य स्थानों की जानकारी भी दी जाएगी।
यह स्थल आएंगे नजर
पहूज बांध, गढ़मऊ झील, जाखलौन वोट क्लब, सुमेरा तालाब व उसके बीच में बनी टूरिस्ट हट, माहिल तालाब, बरुआसागर झील, रणछोड़ धाम मंदिर, मुचकुंद की गुफा, झांसी अरबन हाट, नारायण बाग, सुकुवां ढुकुवां बांध, राजा मर्दन सिंह का किला, तालबेहट का किला, चिपलौटा का बांध, मोंठ का किला व अमरगढ़ का किला
नए लुक में
यूपी टूरिज्म की वेबसाइट पर झांसी का किला, राजा गंगाधर राव की छतरी, रानी महल और बरुआसागर का किला अपलोड हैं। अब इसे नया लुक दिया गया है।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
पर्यटन के लिए अब इंटरनेट का खूब सहारा लिया जाता है। लोग घूमने की योजना बनाने के साथ ही नेट पर पर्यटन स्थलों के संबंध में जानकारी जुटाने लगते हैं। ऐसे में झांसी व ललितपुर के पर्यटक स्थल भी उन्हें आकर्षित करेंगे। वेबसाइट पर आने से यहां के स्थानों का प्रचार - प्रसार होगा। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। - डा. कल्याण सिंह यादव, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी